लखनऊ, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने प्रतापगढ़ के कुंडा में वर्ष 2013 में हुए सीओ जियाउल हक हत्याकांड मामले के एक आरोपित मंजीत यादव की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने अभियुक्त के नौ साल से जेल में रहने के आधार पर यह आदेश दिया है। यह आदेश जस्टिस दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने संजीत यादव की अर्जी पर पारित किया।

दो मार्च, 2013 को सीओ जियाउल हक की प्रतापगढ़ के हथिगवां थाना क्षेत्र में हत्या कर दी गई थी। आरोपित पर जियाउल हक को हाकी से मारने का आरोप है। कहा गया कि मामले में एक अन्य अभियुक्त की पहले ही जमानत हो चुकी है। यह भी दलील दी गई कि मामले का ट्रायल अब भी चल रहा है।

आरोपित साढ़े नौ साल से अधिक समय से जेल में है। मामले में बचाव पक्ष के गवाहों का बयान दर्ज होना शेष है। सीबीआई की ओर से जमानत याचिका का विरोध किया गया। कहा गया कि सीओ जियाउल को बहुत ही निर्ममता से मारने का आरोप अभियुक्त पर है। उसके पास से खून लगी हाकी भी बरामद की गई थी। 

यह है पूरा मामला

बता दें कि वर्ष 2013 मार्च में प्रतापगढ़ के कुंडा नन्हें यादव और सुरेश यादव की हत्या कर दी गई थी। घटना की जानकारी होने पर इलाके के सीओ जियाउल हक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। यहां हंगामे के दौरान भीड़ ने सीओ पर हमला कर दिया। जियाउल हक की पत्नी परवीन ने रघुराज प्रताप सिंह समेत पांच लोगों पर हत्या का आरोप लगाया था। डीएसपी की हत्या के बाद राजनीतिक जगत में भूचाल आ गया और रघुराज प्रताप को अपना मंत्री पद भी छोड़ना पड़ा।

Edited By: Umesh Tiwari

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