लखनऊ, जेएनएन। राजस्थान के उदयपुर में भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखने वाले टेलर कन्हैया लाल की गला रेतकर हत्या की सनसनीखेज घटना के बाद उत्तर प्रदेश में अलर्ट घोषित किया गया है। यूपी पुलिस ने सोशल मीडिया की निगरानी बढ़ा दी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में पिछले दिनों जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के बाद पुलिस किसी भी तरह लापरवाही नहीं बरतना चाहती है।

राजस्थान के उदयपुर में नुपुर शर्मा के समर्थन में इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट लिखने वाले टेलर कन्हैयालाल की निर्मम हत्या के बाद वहां हुए बवाल को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सरकार ने पुलिस को पूरी सतर्कता बरतने व पैदल मार्च बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। नुपुर शर्मा के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में पहले भी हिंसात्मक प्रदर्शन हो चुके हैं। इन घटनाओं से सीख लेते हुए पुलिस अब किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती है। इसलिए डीजीपी मुख्यालय ने भी तत्काल अलर्ट जारी कर दिया है।

डीजीपी मुख्यालय ने सभी जिलों को अपने-अपने यहां सतर्कता बढ़ाने व संदिग्धों की जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें कहा गया है कि जहां भी संदिग्ध गतिविधियां नजर आएं वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। भीड़-भाड़ व संवेदनशील इलाकों पर चौकसी बढ़ाई जाए। इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

राजस्थान के उदयपुर में भाजपा की पूर्व राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा के समर्थन में इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट डालने वाले व्यक्ति की मंगलवार को गला काटकर हत्या कर दी गई है। मृतक ने करीब दस दिन पहले नुपुर शर्मा के समर्थन में इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट की थी। दो हमलावर मंगलवार को दोपहर में दिनदहाड़े मृतक की टेलर की दुकान में घुसे और तलवार से उस पर कई वार किए। दोनों आरोपितों ने तलावर से मृतक का गला काट दिया।

हत्या करने के बाद दोनों आरोपितों ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो डालकर हत्या की जिम्मेदारी ली है। दोनों आरोपितों ने वीडियो में रक्त से सनी तलवार लहराते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की भी हत्या की धमकी दी है। देर शाम पुलिस ने दोनों आरोपितों को राजसमंद जिले के भीम से हिरासत में लिया गया है। शांति व्यवस्था बहाल रखने के लिए उदयपुर जिले में 24 घंटे के लिए इंटरनेट बंद करने के साथ ही शहर में आगामी आदेश तक कर्फ्यू लगाया गया है। घटना के विरोध में हिंदु संगठनों से जुड़े लोग और स्थानीय नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया।

बता दें कि इस पूरे विवाद की शुरुआत एक टीवी डिबेट के दौरान हुई थी, जिसमें भाजपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने पैंगबर मोहम्मद को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके बाद कई अरब देशों ने भारतीय राजदूतों को बुलाकर इस बयान की निंदा की थी। धीरे-धीरे ये मामला बढ़ता चला गया। इसके विरोध में यूपी के कानपुर, प्रयागराज समेत कई शहरों में हिंसा की गई।

Edited By: Umesh Tiwari