अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान की निंदा की, कहा- सनातनियों के बीच सौहार्द बिगाड़ने का षड्यंत्र
अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के राम-कृष्ण तुलना बयान को बताया सनातन एकता तोड़ने की साजिश
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राजनीतिक प्रश्रय प्राप्त ‘लघु-बंधु’ बनकर घूम रहा व्यक्ति सनातन समाज की एकता को तोड़ने का निंदनीय कार्य कर रहा है।
HighLights
अखिलेश यादव ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान की निंदा की।
राम-कृष्ण तुलना को सनातन सौहार्द बिगाड़ने का षड्यंत्र कहा।
सपा प्रमुख ने बयान पर कार्रवाई की मांग की।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के भगवान राम और कृष्ण की कथित तुलना वाले बयान की सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बिना नाम लिए निंदा की है।
सपा प्रमुख ने सोमवार को एक्स पर पर लिखा, ये बेहद दुर्भाग्यपूर्ण समाचार है कि कोई राजनीतिक प्रश्रय प्राप्त ‘लघु-बंधु’ बनकर घूम रहा व्यक्ति सनातन समाज की एकता को तोड़ने का निंदनीय कार्य कर रहा है। ये जांच का विषय है कि सनातनियों के बीच सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का षड्यंत्र कौन कर रहा है, क्या इसके पीछे कोई बाहरी शक्ति है या आंतरिक, इसकी पड़ताल अपरिहार्य है।
सपा प्रमुख ने आगे लिखा कि हमारे पूज्य अवतारों के बीच नकारात्मक भाव से जानबूझकर अपमानजनक तुलना की जा रही है। एक अवतार के मुकाबले दूसरे अवतार को बेहतर बताने की साजिश सनातन समाज के विरुद्ध चली जा रही बहुत गहरी चाल है। हर सच्चा सनातनी इन दोनों अवतारों का उपासक होता है।
नवमी-अष्टमी का भेद किसी के मन में नहीं होता है। इस अवांछित तुलना से सनातन समाज इतना आहत हुआ है कि दोनों अवतारों के नाम का उल्लेख करके हम उसे और आहत नहीं करना चाहते हैं। ‘लोकरक्षक’ और ‘लोकरंजक’ दोनों ही एक ही के अवतार हैं, दोनों की लीलाएं अपने समय-काल के अनुरूप घटित हुई हैं फिर ऐसी गरिमाहीन तुलना का तर्क क्या है और उसके पीछे क्या मंसूबा है ये स्पष्ट किया जाए। बयान को ईशानिंदा बताते हुए सपा प्रमुख ने कार्रवाई की मांग की है।