'यूसीसी मतलब 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी', अखिलेश यादव ने अमित शाह पर साधा निशाना
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के यूसीसी लागू करने के बयान पर पलटवार करते हुए ...और पढ़ें

HighLights
अखिलेश ने यूसीसी को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी' बताया।
भाजपा को सत्ता से हटाना लोकतंत्र के हित में है।
सपा छात्रसभा ने सदस्यता अभियान की शुरुआत की।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने संबंधी बयान को लेकर हमला बोला है। सपा प्रमुख ने यूसीसी का फुल फार्म ‘अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी’ बताया है। गृह मंत्री ने कहा था कि वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के सभी एनडीए शासित 21 राज्यों में यूसीसी लागू कर दी जाएगी।
इसे लेकर बिना नाम लिए सपा प्रमुख ने मंगलवार को एक्स पर लिखा, जनता समझ चुकी है कि भाजपा जिस यूसीसी की बात कर रही है, दरअसल उसका फुल फार्म कुछ और है : यूसीसी यानी अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पिरेसी। इसके आगे उन्होंने ‘पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ’ शीर्षक से कविता भी साझा की, जिसमें विभिन्न मुद्दे उठाए गए हैं।
वहीं मंगलवार को पार्टी मुख्यालय पर बैठक में सपा प्रमुख ने कहा कि आने वाली पीढ़ी की खुशहाली के लिए भाजपा को सत्ता से हटाना लोकतंत्र के हित में है। भाजपा कोई नई योजना लागू करने में सफल नहीं हो सकी। दिखावे के लिए भी उसके पास सिर्फ समाजवादी सरकार के समय के काम है। अभी पिछले दिनों जापानी डेलीगेशन लखनऊ आया था तो उसे वूमेन पावरलाइन डायल 1090 दिखाया गया था जिसे समाजवादी सरकार में महिला सुरक्षा के लिए बनाया गया था।
भाजपा के पाप का घड़ा भर गया है, जो कुछ ही दिन में फूटने वाला है। इस दौरान एलोपैथिक फार्मेसिस्ट अभ्यर्थियों ने 200 से अधिक रिक्त पदों को भर्ती में शामिल करने की मांग को लेकर सपा प्रमुख को ज्ञापन दिया। वहीं प्रतियोगी छात्र व अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने भेंटकर उन्हें यूपीएसएसएससी की सभी पीईटी आधारित भर्तियों में प्रतीक्षा सूची का प्रविधान लागू कराने की मांग की।
सपा छात्रसभा का छात्र संपर्क अभियान शुरू समाजवादी छात्र सभा द्वारा मंगलवार को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में छात्र-नौजवान पीडीए जागरूकता अभियान के तहत सदस्यता अभियान की शुरुआत की गई। छात्र सभा के प्रदेश अध्यक्ष विनीत कुशवाहा ने लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रों को सदस्य बनाकर अभियान की शुरूआत की।
