शिवपाल की जगह अब अखिलेश यादव होंगे लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष, 2027 चुनाव से पहले समाजवादी विरासत पर पकड़ मजबूत
अखिलेश यादव अब लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष बन गए हैं, जिससे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और लोहियावादी विरासत पर उनकी पकड़ मजबूत हुई है।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव। (तस्वीर- फाइल)

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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। विधानसभा चुनाव 2027 से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पार्टी और संगठन के साथ अब लोहियावादी विरासत के प्रमुख केंद्र पर भी पकड़ मजबूत हो गई है।
सपा प्रमुख अब लोहिया ट्रस्ट के भी अध्यक्ष बन गए हैं, उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव की जगह ली है। शिवपाल पर वर्ष 2017 से ट्रस्ट की जिम्मेदारी थी।
सपा प्रमुख को समाजवादी विचारधारा के प्रतीक डॉ. राममनोहर लोहिया से जुड़े इस ट्रस्ट की कमान मिलना, राजनीतिक रूप से अहम है। इसे समाजवादी परिवार और संगठन के भीतर नेतृत्व के समीकरण के नए पड़ाव के रूप में भी देखा जा रहा है।
वर्ष 1992 में समाजवादी पार्टी बनने से पहले से गठित लोहिया ट्रस्ट लंबे समय से समाजवादी राजनीति और लोहियावादी नेताओं के लिए महत्वपूर्ण मंच रहा है। पार्टी सूत्रों के अनुसार कुछ दिन पहले हुई लोहिया ट्रस्ट की बैठक में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी अखिलेश को सौंपने का फैसला किया गया।
बैठक में शिवपाल सिंह यादव सहित ट्रस्ट के सभी आठ सदस्य शामिल थे। वर्ष 2017 के विधान सभा चुनाव से पहले समाजवादी परिवार में हुए विवाद के समय मुलायम सिंह यादव ने प्रो. रामगोपाल यादव को हटाकर शिवपाल सिंह यादव को लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी सौंपी थी।
उसके बाद से शिवपाल ही इसकी पूरी व्यवस्था देख रहे थे। ऐसे में इसकी जिम्मेदारी सपा प्रमुख को मिलना, केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि समाजवादी विरासत पर नेतृत्व की दावेदारी को और स्पष्ट करने वाला कदम माना जा रहा है।
अखिलेश पहले ही समाजवादी पार्टी के निर्विवाद केंद्रीय नेतृत्व के रूप में स्थापित हैं। मुलायम के निधन के बाद पार्टी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर है। जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी जिम्मेदारी उनके पास है।
अब लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी मिलने से पार्टी संगठन और लोहियावादी वैचारिक मंच, दोनों पर उनका प्रभाव बढ़ेगा। पार्टी की ओर से सर्वसम्मति से निर्णय होने की बात कही जा रही है, परंतु इस बदलाव के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। ये भी कयास लग रहे हैं कि आने वाले समय में सपा प्रमुख अपनी बेटी को ट्रस्ट से जुड़ी कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दे सकते हैं।
