लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी के पारिवारिक झगड़े का चुनाव आयोग से नतीजा आते ही सोमवार शाम पिता-पुत्र यानी मुलायम और अखिलेश भी सोशल मीडिया के निशाने पर आ गए। वर्चुअल वल्र्ड के वॉरियर्स ने इस मंच पर कहीं अखिलेश के लिए जिंदाबाद के नारे लगाए तो कहीं औरंगजेब बताकर तंज भी कसा लेकिन मुलायम सिंह तो पूरी तरह बेचारगी और हास्य के पात्र ही नजर आए। अखिलेश को साइकिल पर सवार और मुलायम को साइकिल से दूर दिखाने वाले कार्टून-स्केच भी दिखे। मुलायम के दूसरे पुत्र प्रतीक यादव करोड़ों रुपये की नीले रंग की चमकती कार को लेकर सुर्खियों में आ गए है। प्रतीक ने इंस्टाग्राम पर इटैलियन लक्जरी कार लैबोर्गिनी की फोटो शेयर की है। यह कार एक करोड़ से लेकर पांच करोड़ या और महंगी भी आती है।

यह भी पढ़ें: लखनऊ में पार्टी ऑफिस के बाहर भिड़े मुलायम-अखिलेश समर्थक

ब्लू बोल्ट नाम की यह कार वैसे तो कुछ दिनों से सोशल मीडिया में छाई है, लेकिन सोमवार शाम पार्टी के सिंबल का फैसला आने के बाद यह नीली कार एक बार फिर समाजवादी साइकिल के दूसरे पहलू के तौर पर चर्चा में आ गई। ट्विटर पर रीतेश गुप्ता का ट्वीट है- अखिलेश को साइकिल... प्रतीक को लैबोर्गिनी और मुलायम को वेकअप कॉल मिली है। सोशल मीडिया पर इसी कार को लेकर जो एक और फोटो वायरल हो रही है, वह बताती है कि समर्थक जब मुलायम और अखिलेश के बीच टकराव के दौरान उनके घरों के बाहर जमे थे, तब प्रतीक अपनी इसी लक्जरी कार को लेकर तेजी से वहां से निकल गए थे।

यह भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश चुनाव : लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं से मिल रहे मुलायम व अखिलेश

ऐसा नहीं कि यादव परिवार में महंगी और शानदार कार का शौक सिर्फ प्रतीक को है। पोस्टरों और होर्डिंग में साइकिल से विकास की यात्रा तय करते दिखते पिता मुलायम और बड़े भाई व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी ऐसी गाडिय़ों से दूर नहीं है। ये दोनों पिता-पुत्र भी हाई एंड यानी सबसे महंगी मर्सिडीज से चलते है। इसी महीने की शुरुआत में मुलायम सिंह की दिल्ली की एक फोटो कार और कमांडो को लेकर चर्चा में आई थी, जिसमें काली छत वाली सफेद मर्सिडीज एस क्लास कार के साथ एनएसजी के पांच कमांडो पैदल दौड़ रहे थे।

यह भी पढ़ें: भाजपा की पहली सूची में भारी पड़े बाहरी, विरोध में आत्मदाह की चेतावनी

अखिलेश यादव भी एक महंगी कार रखते हैं। करीब ढाई करोड़ रुपये का यह स्पोट्र्स यूटीलिटी वेहिकल उनके लिए इस लिहाज से भी कई बार जरूरी बताया गया कि इसमें बुलेट प्रूफिंग के साथ अन्य सुरक्षा इंतजाम बेहतर काम करते है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों जब रथयात्रा निकाली थी, तब भी उन्होंने मर्सिडीज कंपनी की करीब ढाई करोड़ रुपये की बस को ही अपना रथ बनाया था। लेकिन, ब्लू बोल्ट के हैशटैग के साथ अपनी लैैंबोर्गिनी कार को इंस्टाग्राम पर दिखाकर प्रतीक ने लक्जरी गाडिय़ों के मामले में पिता और बड़े भाई, दोनों को पीछे छोड़ दिया है।

यह भी पढ़ें: 'साइकिल' जीतने के बाद पिता मुलायम से आशीर्वाद लेने पहुंचे अखिलेश यादव

कुछ ट्वीट्स

अखिलेश यादव को अभिभावकों से तकरार और पड़ोसियों (चुनाव आयोग) के दखल से साइकिल मिली है।

-मनोज कुमार

सीएम रहते हुए भी अखिलेश को पांचवें साल में चाचा के अपराध पता चले है। ये उनकी क्षमता या .... बताता है।

-विजय प्रताप सिंह

-अखिलेश यादव से बेहतर किसी का पीआर नहीं देखा। ध्यान दीजिए कि साइकिल के विवाद में भाजपा एक इंच नहीं बढ़ पाई है।

-फ्रैक ए

Posted By: Nawal Mishra

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस