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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दो वर्ष से पहले ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस की खुली पोल, जगह-जगह मौत की दरारें

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Thu, 02 Aug 2018 11:46 AM (IST)Updated: Thu, 02 Aug 2018 04:45 PM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण में खेल हुआ है। मुख्य रोड और सर्विस रोड में मिट्टी का भराव ठीक तरीके से नहीं हुआ।

दो वर्ष से पहले ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस की खुली पोल, जगह-जगह मौत की दरारें
दो वर्ष से पहले ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस की खुली पोल, जगह-जगह मौत की दरारें

लखनऊ (जेएनएन)। पूर्व मुख्यमंत्री तथा समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे अपने उद्घाटन की दूसरी वर्षगांठ से पहले ही चर्चा में आ गया। जगह-जगह दरार के साथ ही कल 302 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे में करीब 40 फीट गहरा गड्ढा हो गया। इसमें हांडा सीआरवी कार समां गई।

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण में खेल हुआ है। मुख्य रोड और सर्विस रोड में मिट्टी का भराव ठीक तरीके से नहीं हुआ। लिहाजा एक्सप्रेस वे जख्मी हो गया है और उसमें मौत की दरारें पड़ गई हैं। लगातार हो रही बारिश से दरारें बढ़ती जा रही हैं। रोड के किनारों की मिट्टी कटने से गहरे गड्ढे हो गए हैं। पत्थर नीचे लुढ़क गए हैं। अखिलेश यादव सरकार ने देश के सबसे लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे का निर्माण कराया था। 302 किमी लंबे इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन 21 नवंबर, 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इसका उद्घाटन किया था।

करीब 16000 करोड़ की लागत से इसका निर्माण पीएनसी सहित अन्य कंपनियों ने किया था। आगरा से 50 किमी की दूरी तक पीएनसी ने इसका निर्माण किया। पिछले दिनों हुई बारिश ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की पोल खोल दी। शून्य से 50 किमी तक की रोड जख्मी हो गई है। अब तो एक्सप्रेस वे के दोनों ओर दरारें पड़ गई हैं। जल निकासी के लिए बनीं नालियां टूट चुकी हैं। पत्थर उखड़ गए हैं और किनारों पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।

एक्सप्रेस वे को सबसे अधिक नुकसान 26 जुलाई को हुई बारिश से पहुंचा था, लेकिन इसके बाद भी निर्माणदायी एजेंसी ने मरम्मत नहीं की। बारिश होने से दरारें बढ़ती जा रही हैं। इसके बाद भी इसकी मरम्मत नहीं की गई। इससे कई जगहों पर सर्विस रोड क्षतिग्रस्त हो गई है। पुलिया व पुलों के पास जलभराव हो रहा है।

बारिश से लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे में दरार

उन्नाव में भी तीन दिन से लगातार हो रही बारिश का असर कल एक्सप्रेस-वे पर दिखा। लोधाटीकुर पंचमखेड़ा में सई नदी पर बने पुल की मिट्टी बह जाने से यहां दस मीटर लंबी दरार आ गई। दोपहर बारिश बंद होने के बाद वहां से गुजर रहे ग्रामीणों ने लखनऊ की ओर बाईं लेन में दरार देखी तो यूपीडा अधिकारियों को सूचना दी। यूपीडा अधिकारियों ने पास में ही निर्माण में लगे मजदूरों को मौके पर भेजा और खुद भी पहुंचे। परीक्षण के बाद दरार भरने का काम शुरू हुआ जो देर शाम तक पूरा कर दिया गया।

सर्विस रोड धंसने के मामले में जांच के आदेश

यूपीडा के अनुसार अत्यधिक वर्षा के कारण आगरा से 16.3 किलोमीटर पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की साइड रोड को पानी ने 15 से 20 जगह काट दिया है। मरम्मत का कार्य एजेंसी को ही अपने खर्च पर करना है। सर्विस रोड धंसने के मामले में थर्ड पार्टी एजेंसी से जांच के आदेश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने थर्ड पार्टी एजेंसी राइट्स लिमिटेड को जांच के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। यूपीडा के अनुसार अत्यधिक वर्षा के कारण आगरा से 16.3 किलोमीटर पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे की साइड रोड को पानी ने 15 से 20 जगह से काट दिया है। इसकी मरम्मत का कार्य एजेंसी को ही अपने खर्च पर करना है। यूपीडा के अनुसार इसके अलावा सभी एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि अतिवृष्टि के कारण पूरी सतर्कता बरतें और पानी निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।