लखनऊ, जेएनएन। हज यात्रा महंगी होने के बाद अब उमरा करने के लिए भी आजमीनों को अधिक रकम खर्च करनी पड़ेगी। सऊदी अरब के हज मंत्रालय से जारी फरमान ने आजमीनों की जेब पर हजारों रुपये का अतिरिक्त बोझ डाला है। वैसे तो उमरा भी हज यात्रा जैसा ही धार्मिक महत्व रखता है। बस अंतर इतना है कि इसे हज के दो महीनों को छोड़कर कभी भी किया जा सकता है।

भारत से उमरा करने जाने वाले किसी भी आजमीन को पहले 200 सऊदी रियाल (लगभग 3800 रुपये) वीजा शुल्क देना पड़ता था, जिसे बढ़ाकर 500 (लगभग 9500 रुपये) कर दिया गया है। इसके साथ ही होटल तथा ट्रांसपोर्टेशन भी महंगा हुआ है। इसके अलावा जायरीनों को बेसिक ग्राउंड सर्विस और प्रोसेसिंग फीस के तौर पर पांच हजार रुपये देने होंगे।

सऊदी अरब जाने के लिए नए नियमों के तहत टूर ऑपरेटर वेबपोर्टल पर ही पैकेज बुकिंग करनी होगी। इसके बाद टूर ऑपरेटर के जरिए वहां पर वीजा, एकोमोडेशन, ट्रांसपोर्टेश्न, फूडिंग सहित अन्य खर्च पहले ही जमा करने होंगे। लखनऊ के प्राइवेट टूर ऑपरेटर उमैर नजफ शाह ने बताया कि वीजा सहित अन्य चीजें महंगी होने से पैकेज में 10 से 15 हजार तक की बढ़ोतरी हुई है।

कुल खर्च : तब और अब

पहले शहर के आजमीन को उमरा कराने के लिए 56 हजार रुपये का पैकेज था, जो बढ़कर 68 हजार से अधिक पहुंच गया है। बीमा अनिवार्य होने पर आजमीनों को 110 रियाल अतिरिक्त देने होंगे।

बच्चों का भी लगेगा पूरा खर्च

नए नियमों में बड़ों के साथ बच्चों के खर्च में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले बच्चों का सऊदी अरब में ट्रांसपोटेशन फ्री थी, लेकिन अब दो वर्ष से अधिक आयु के बच्चों को भी टूर पैकेज के हिसाब से पूरी रकम (करीब 68 हजार) अदा करनी होगी।

और महंगा होने की उम्मीद

सऊदी अरब सरकार जल्द ही हज की तरह इसमें भी इंश्योरेंस अनिवार्य करने जा रही है। ऐसा होने पर आजमीन को 110 सऊदी रियाल तक अतिरिक्त देना होगा। सऊदी अरब के हज मंत्रालय से 31 अगस्त से 24 नवंबर के बीच उमरा करने जाने वालों की संख्या का आंकड़ा जारी किया गया था। इस बीच मक्का में विश्व से 13.39 लाख आजमीनों ने उमरा किया था। इसमें भारत तीसरे नंबर पर था। यहां से 1.95 लाख आजमीन पहुंचे। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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