लखनऊ, जागरण संवाददाता। Lucknow Building Collapse शाम की चाय का वक्त था। परिवार के लोग साथ थे। अचानक कंपन हुआ और धमाका। पल भर में ही शाम का सुकून घबराहट, चीत्कार और भगदड़ के मंजर में बदल गया। बचाओ-बचाओ की पुकार मच गई। रोने-बिलखने और खुद और अपनों को बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई। हम बात कर रहे हैं लखनऊ के अलाया अपार्टमेंट का जो कुछ मिनटों में ही जमीदोंज हो गई।

कांपते होठों से बयां क‍िया दर्द, नहीं थम रहे थे आंसू

हादसे में सुरक्षित बचे लोग दर्द बयां करते अपना आंसू नहीं रोक सके। सिविल अस्पताल में भर्ती मुस्तफा और नसरीन खान कहती हैं, इमारत ढही तो उस समय हम लोग तीसरे तल पर अपने फ्लैट में काम कर रहे थी। मुस्तफा ने भाई को फोन किया कि मुझे बचा लो। मैं फंस गई हूं। मैं मलबे में दब गई हूं। सांस लेना दुर्लभ हो रहा है। भाई ने कहा, आप बिल्कुल परेशान न हो। पुलिस भी मौके पर है। हम जल्दी कुछ करते हैं।

यकीन नहीं, मैं जिंदा हूं

सिविल अस्पताल में सात लोग भर्ती हैं। सभी खतरे से बाहर हैं। अस्पताल का मंजर देखकर भी रोंगटे खड़े हो गए। यहां भी लोग अपनों को ढंढ़ रहे हैं। घायल युसूफ खान तो अपना दर्द बताते रोने लगे। बोले- यह मंजर देख भरोसा ही नहीं हो रहा कि हम बच गए हैं। चंद मिनटों में लोग न पहुंचते तो जान चली जाती। अभी भी मेरे कुछ लोग दबे हैं। मुझे पता नहीं कि उन्हें निकाला गया या नहीं। बहुत चिंता हो रही है। रंजना अवस्थी ने कहा, जब अपार्टमेंट गिरा तो ऐसा लगा धरती फट गई। होंठ पर सिर्फ ईश्वर का नाम था।

मुझे बचा लो बहन ऊपर पिलर है और मलबे में पैर भी फंसा है

इमारत ढही तो चौथे तल पर अपने फ्लैट में आफरीन हैदर और उनकी घर पर काम करने वाली महिला साथ किचन में फंस गईं। आफरीन ने अपनी बड़ी बहन फरीन को फोन किया कि मुझे बचा लो। मैं फंस गई हूं। ऊपर पिलर है और पैर भी मलबे में फंस गए हैं। आक्सीजन की कमी हो रही है। कुछ करो बहन...इसके बाद फोन कट जाता है।

चौथे तल पर रह रहीं आफरीन ने अपनी बहन को फोन कर सूचना दी

सूचना मिलते ही फरीन अपने घरवालों के साथ पहुंची। यहां उन्हें पुलिस ने अंदर जाने से रोका और कहा की राहत एवं बचाव दस्ता काम कर रहा है। आप परेशान मत हों हम उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश कर रहे हैं। फरीन ने अधिकारियों से रोते हुए बोलीं किसी तरह से मदद करें बहन को आक्सीजन की कमी हो रही है। उन्होंने बताया कि किचन में अंदर फंसी हैं। ऊपर बीम का पिलर है नीचे पैर फंसे हुए हैं। दम घुट रहा है और मोबाइल की बैटरी भी डिस्चार्ज हो रही है। अधिकारियों ने फरीन को सांत्वना देते हुए शांत कराया।

Edited By: Prabhapunj Mishra

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