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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Vikas Dubey Arrested News: इंदिरानगर निवासी अधिवक्‍ता की है उज्‍जैन में मिली लखनऊ नंबर की कार

By Anurag GuptaEdited By:
Published: Thu, 09 Jul 2020 03:44 PM (IST)Updated: Thu, 09 Jul 2020 07:24 PM (IST)

Vikas Dubey Arrested News मध्‍य प्रदेश पुलिस ने वकील व उनके साथी को हिरासत में लिया। सेक्‍टर 16 स्थित आवास पर अधिवक्‍ता की पत्‍नी से राजधानी पुलिस ने की पूछताछ।

Vikas Dubey Arrested News: इंदिरानगर निवासी अधिवक्‍ता की है उज्‍जैन में मिली लखनऊ नंबर की कार
Vikas Dubey Arrested News: इंदिरानगर निवासी अधिवक्‍ता की है उज्‍जैन में मिली लखनऊ नंबर की कार

लखनऊ, जेएनएन। पांच लाख के इनामिया विकास दुबे के गिरफ़तार करने के बाद उज्‍जैन पुलिस ने जब छानबीन की तो उन्‍हें थोड़ी दूरी पर खड़ी लखनऊ नंबर की एक कार मिली। वह कार इंदिरानगर सेक्‍टर 16 निवासी अधिवक्‍ता मनोज कुमार यादव की निकली। मनोज अपने साथी अधिवक्‍ता तेज बहादुर के साथ एक होटल में ठहरे थे, जिन्‍हें विकास दुबे से कनेक्‍शन के शक में मध्‍य प्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मनोज ने दैनिक जागरण से बातचीत में कहा कि उनका विकास दुबे से कोई सरोकार नहीं है। वह विकास दुबे को नहीं जानते और न ही कभी उससे उनकी मुलाकात हुई है।

उज्‍जैन में लखनऊ निवासी अधिवक्‍ता की कार मिलने की जानकारी पाते ही राजधानी पुलिस सक्रिय हो गई। एडीसीपी राजेश कुमार श्रीवास्‍तव, एसीपी अमित कुमार व अन्‍य पुलिस बल आनन फानन अधिवक्‍ता के घर पहुंचे और छानबीन शुरू की। इस दौरान मनोज कुमार यादव की पत्‍नी अंजू ने बताया कि दो जुलाई को उनके पति अपनेे मित्र के साथ निकले थे। इस दौरान दोनों व्‍यापार के सिलसिले में शिवपुरी मध्‍य प्रदेश गए। इसके बाद दोनों बुधवार दोपहर करीब दो बजे उज्‍जैन में महाकाल के दर्शन करने के लिए पहुंचे। दोनों एक होटल में कमरा लेकर ठहरे थे।

अंजु के मुताबिक गुरुवार को उज्‍जैन पुलिस मनोज की कार के पास एकत्र हाे गई। यह देखकर उनके पति को लगा कि कोई क्रेन उसे उठाकर साथ ले जाने आई है। मनोज गाड़ी के पास पहुंचे और मामले की जानकारी ली, जिसके बाद पुलिस ने उन्‍हें और उनके साथी को हिरासत में ले लिया। अंजू का कहना है कि उनकी मनोज से लगातार बात हो रही है। पुलिस ने उनसे पूछताछ की है। मनोज ने अपना बयान उज्‍जैन पुलिस को दर्ज करा दिया है। मेरे परिवार को विकास दुबे से कोई लेना देना नहीं है। मनोज पिछले 10 साल से लखनऊ उच्‍च न्‍यायालय में वकालत कर रहे हैं। इसके अलावा उनका प्‍लांटेशन का व्‍यापार है, जिसके सिलसिले में वह मध्‍य प्रदेश गए हैं।