लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में अपराध की बाढ़ के बीच एडीजी कानून-व्यवस्था का पद संभालने वाले पीवी रामाशास्त्री यहां अपराध पर नियंत्रण पाने को काफी चुनौतीपूर्ण काम मानते हैं। डीजीपी ऑफिस, लखनऊ में आज कार्यभार संभालने के बाद पीवी रामाशास्त्री ने मीडिया को संबोधित किया।

वाराणसी में एडीजी जोन के पद पर रहे पीवी रामाशास्त्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश जनसंख्या के मामले में देश का सबसे बड़ा राज्य है। यहां पर अपराध पर नियंत्रण पाने के साथ ही साथ सूबे की कानून-व्यवस्था को संभालना बड़ी चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रदेश में लोकसभा चुनाव के बाद अलग-अलग जिलों में हुई घटनाओं से उत्पन्न हो रही कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटना उनके लिए बड़ी चुनौती होगी। रामाशास्त्री ने कहा कि हमारा पहला प्रयास होगा कि कोई घटना होने ही न पाए और अगर हो तो उस पर त्वरित कार्रवाई की जाए। वहीं, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी अगर प्रशासनिक लापरवाही हुई है तो संबंधित अफसर पर एक्शन लिया जाएगा।

रामाशास्त्री ने बताया कि कभी-कभी एक जैसे या एक ही प्रकृति के अपराध की बाढ़ आ जाती है। उत्तर प्रदेश में भी ऐसा होता है। यूपी बड़ा प्रदेश है यहां हमेशा चुनौतियां रहेंगीं। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्ष में प्रदेश में अपराधों में कमी आई है। इसके बाद भी कभी-कभी एक जैसे अपराधों की बाढ़ आ जाती है। हमारी प्राथमिकता यहां अपराध पर नियंत्रण की है।

उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देश पर डीएम, एसपी को महिलाओं के प्रति अपराध करने वालों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए हैं। उनके इस आदेश के बाद, एंटी रोमियो स्क्वॉड को मज़बूत किया जा रहा है। डायल 100 और एंटी रोमियो स्कवाड का रूट पिछली घटनाओं के आधार पर होता है। पुलिस के खिलाफ जो शिकायतें मिलेंगी, उनकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बीते 20-22 दिनों में अलग-अलग जिलों में हुई अपराधिक घटनाओं के बाद से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। जिस दिन मुख्यमंत्री लखनऊ में अधिकारियों के साथ कानून व्यवस्था को लेकर बैठक कर रहे थे उसी वक्त आगरा में उत्तर प्रदेश बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित अध्यक्ष दरवेश यादव को कचहरी में गोलियों से भून दिया गया। अलीगढ़, हमीरपुर, कुशीनगर व जालौन में हुई घटनाओं से भी कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी शनिवार को इसी मुद्दे पर राज्यपाल राम नाईक को ज्ञापन सौंपा है। आने वाले दिनों में यह घटनाएं पुलिस के लिए चुनौती बन सकती हैं। इससे निपटने के लिए रमाशास्त्री को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। 

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Posted By: Dharmendra Pandey

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