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संपत्ति छुपाने वाले राज्यकर्मियों का सरकार ने रोका वेतन, 68,236 ने घोषित नहीं चल-अचल प्रापर्टी

By Digital Desk Edited By: Dharmendra Pandey
Published: Sun, 01 Feb 2026 02:10 PM (IST)

Chief Minister Yogi Adityanath's zero-tolerance policy towards corruption: मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से निर्देश दिए गए थे कि ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस  की नीति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति

HighLights

  1. उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रति बेपरवाह

  2. राज्यकर्मियों के खिलाफ सरकार उठा सकती है कड़े कदम

  3. मुख्य सचिव के निर्देश के बावजूद पोर्टल पर नहीं दिया गया संपत्ति का ब्योरा

  4. संपत्ति की जानकारी न देने वाले राज्यकर्मियों को जनवरी का नहीं मिलेगा वेतन

अजय जायसवाल, जागरण, लखनऊ: ऐसा लगता है कि 68 हजार से ज्यादा राज्यकर्मियों को अपने वेतन की कोई चिंता ही नहीं हैं। अगर चिंता होती तो मुख्य सचिव एसपी गोयल के स्पष्ट आदेश पर सभी ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा शनिवार तक दे दिया होता।

मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण न देने से इन कार्मिकों को अब जनवरी माह का वेतन फरवरी में नहीं मिलेगा। ब्योरा न देने वाले राज्यकर्मियों के खिलाफ सरकार कड़े कदम भी उठा सकती है।

 भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के मद्देनजर योगी आदित्यनाथ सरकार राज्यकर्मियों की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा जुटाने को लेकर बेहद गंभीर है। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से निर्देश दिए गए थे कि सभी राज्यकर्मी अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करें।

उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 1956 के नियम-24 के तहत प्रदेश के 8,66,261 राज्यकर्मियों को 2025 तक की चल-अचल संपत्ति का ब्योरा 31 जनवरी तक मानव संपदा पोर्टल पर देना अनिवार्य था। विभागों के नोडल अधिकारी और आहरण-वितरण अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि 31 जनवरी तक संपत्ति का विवरण अपलोड न करने वालों का वेतन रोक दिया जाए।

वेतन रोकने के आदेश के बावजूद 68,236 राज्यकर्मियों ने शनिवार रात तक संपत्ति का ब्योरा पोर्टल पर अपलोड नहीं किया। संपत्ति न बताने वालों में सर्वाधिक 34,926 राज्यकर्मी तृतीय श्रेणी वाले हैं। 22,624 राज्यकर्मी चतुर्थ श्रेणी जबकि द्वितीय श्रेणी के 7204 और प्रथम श्रेणी के 2628 अधिकारी हैं। 1612 अन्य कार्मिकों में से भी 854 ने संपत्ति नहीं बताई है, इनका भी वेतन रुकेगा।