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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Action of CM Yogi Adityanath: सीएम योगी आदित्यनाथ के टारगेट पर अब डॉन अबू सलेम, मांगी गई करीबियों की अवैध संपत्ति की सूची

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Thu, 05 Nov 2020 04:11 PM (IST)Updated: Thu, 05 Nov 2020 04:13 PM (IST)

Action of CM Yogi Adityanath योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सभी बड़े माफिया नेटवर्क को धराशायी करने का बड़ा ...और पढ़ें

माफिया तथा गैंगस्टर का आर्थिक साम्राज्य अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रडार पर है
माफिया तथा गैंगस्टर का आर्थिक साम्राज्य अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रडार पर है

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवसथा को बिगाडऩे में बड़ी भूमिका अदा करने वाले जेल में माफिया तथा गैंगस्टर का आर्थिक साम्राज्य अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रडार पर है। पूर्व सांसद अतीक अहमद, विधायक मुख्तार अंसारी के बाद अब अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का खास गुर्गा प्रदेश सरकार के निशाने पर है।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सभी बड़े माफिया नेटवर्क को धराशायी करने का बड़ा अभियान चलाया है। अब तक अभियान में निशाने पर मुख्य रूप से माफिया डॉन मुख्तार अंसारी, अतीक अहमद, अनिल दुजाना और सुंदर भाटी रहे हैं। जेल मे बंद माफिया डॉन अबू सलेम के करीबियों की अवैध संपत्ति जमा करने के मामले में जल्द ही कार्रवाई होगी। उत्तर प्रदेश में 40 माफिया सरगना पर सरकार की नजर टेढ़ी हो गई है। अब तक यहां उनकी करीब 300 करोड़ रुपये की अवैध सम्पत्ति और धंधों को बंद किया गया है।

उत्तर प्रदेश से फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में जेल में बंद दाऊद का खास शूटर अबू सलेम भी अब सीएम योगी आदित्यनाथ के निशाने है। अब प्रदेश सरकार ने अबू सलेम की बड़ी आर्थिक ताकत पर चोट पहुंचाने के लिए उसके भाई और करीबियों की संपत्ति का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। लखनऊ में चंद रोज पहले मुख्तार अंसारी गैंग के खिलाफ कार्रवाई के दौरान ही कुछ लोगों ने पुलिस कमिश्नर से अबू सलेम के एक भाई की लखनऊ में कई सम्पत्तियों का ब्योरा बताते हुए शिकायतें की थीं। इसके बाद ही पुलिस को इनकी संपत्ति का ब्योरा जुटाने को कहा गया था।

लखनऊ विकास प्राधिकरण और लखनऊ पुलिस ने डॉन अबू सलेम के करीबियों की सपंत्तियों के दस्तावेज, उनकी कानूनी वैद्यता आदि की जांच शुरू कर दी है। राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज और लालबाग में दो जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। अबू सलेम का फर्जी पासपोर्ट बनवाने में उसके भाई अबू जैश ने मदद की थी। लखनऊ में कई जमीनें अबू सलेम के भाई और करीबियों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। सरकार अबू सलेम के भाई अबू जैश की अवैध संपत्तियां की लिस्ट बन रही है। इनमें अभी तक लखनऊ के सप्रू मार्ग पर रेस्टोरेंट तथा मानक नगर में प्लॉटिंग की जानकारी मिली है। इनके साथ सर्वोदय नगर तथा ठाकुरगंज में करोड़ों की प्लॉटिंग की पता चला है। फैजाबाद रोड पर एक गेस्ट हाउस और होटल भी इनका बताया जा रहा है। पुलिस अफसरों का कहना है कि संपत्ति की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

माफिया डॉन अबू सलेम ने मांगा था सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय

आजमगढ़ के सरायमीर में 1960 में जन्मे 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट के मास्टरमाइंड अबू सलेम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में अपनी पैतृक जमीन पर अतिक्रमण को लेकर एक पत्र लिखा था। सलेम 1993 के विस्फोटों के लिए मुंबई सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। सलेम के वकील राजेश सिंह ने बताया कि उन्होंने योगी आदित्यनाथ, आजमगढ़ के डीएम, एसपी और सरायमीर पुलिस स्टेशन के एसएचओ को लिखा है। सलेम के वकील ने कहा अगर पुलिस कुछ भी ठोस नहीं करती है तो दोषियों के खिलाफ धारा 156 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।

सलेम ने लिखा था कि 30 मार्च, 2013 को उसके परिवार से प्राप्त खतौनी उसे और उसके भाई को भूमि के मालिकों के रूप में दिखाता है, जबकि छह दिसंबर 2017 को भूमि मालिक का नाम खतौनी में बदल दिया गया है। कृपया न्याय करें। सलेम ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों द्वारा उसकी जमीन हड़प ली। उन्होंने अवैध निर्माण भी शुरू कर दिया है। उन्होंने पुलिस से अवैध निर्माण को गिराने का अनुरोध किया है।