लखनऊ, जेएनएन। राजधानी के मोहनलालगंज स्थित खुजौली में लविश की गला काटकर हत्‍या के मामले में नया मोड आ गया है। लविश हत्‍याकांड में गवाही देने वाले उसके फुफेरे भाई प्रशांत की मुजफ्फरनगर के मिड़काली गांव में हत्‍या कर दी गई। खास बात यह है कि प्रशांत की हत्‍या करने वाले लविश के हत्‍यारोपित सौरभ और अनिल हैं, जिनकी लखनऊ पुलिस तलाश कर रही थी। एक हत्‍यारोपित सौरभ भी घटना स्‍थल पर घायल मिला है। इस वारदात ने लखनऊ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

मुजफ्फरनगर पुलिस के मुताबिक,  मिड़काली के जंगल में शुक्रवार देर रात प्रशांत की हत्‍या की गई थी। वारदात के पीछे गैंगवार की आशंका जताई जा रही है। घायलावस्‍था में मिले हत्‍यारोपित सौरभ को अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। मुजफ्फरनगर जिले में तैनात इंस्‍पेक्‍टर कुशलपाल सिंह ने बताया कि मिड़काली में धीरज के खेत में एक युवक का शव मिला था, जिसके सिर में गोली लगी थी। शव की शिनाख्‍त प्रशांत के रूप में हुई। वहीं कुछ दूरी पर टयूबवेल के पास सौरभ घायल पड़ा था। सौरभ को भी गोली लगी थी, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रशांत वाजिदपुर बागपत का रहने वाला था। वहीं, सौरभ इटावा का रहने वाला है, जिसके सिर, पीठ व कंधे में  गोली लगी है। 

घरवालों ने कहा हत्‍याकांड का वादी था प्रशांत 

प्रशांत के पिता सतीश कुमार ने बताया कि उनका बेटा अपने ममेरे भाई लविश की हत्‍या में वादी था। वहीं इंस्‍पेक्‍टर मोहनलालगंज जीडी शुक्‍ला का कहना है कि प्रशांत वादी नहीं था। वह हत्‍याकांड का गवाह था। हालांकि, पीडि़त परिवार का आरोप है कि हत्‍याकांड में वादी होने के कारण प्रशांत की हत्‍या हुई है। सतीश ने बताया कि लविश के हत्‍यारोपित प्रशांत पर समझौते का दबाव बना रहे थे। शुक्रवार रात में सौरभ और अनिल ने प्रशांत को बुलाया था और उसे गवाही से हटने और मुकदमा वापस लेने की धमकी दी थी। प्रशांत के इनकार करने पर दोनों ने  उसकी हत्‍या कर दी। उनका कहना है कि वहां पर अनिल भी मौजूद था और वारदात में वह शामिल था। हत्‍या के बाद अनिल मौके से भाग निकला।

ये है मामला 

मोहनलालगंज के खुजौल में प्रदीप चौधरी के फार्म हाउस पर बागपत के छपरौली निवासी लविश की 17 मई को गला काटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में प्रशांत ने अनिल उर्फ धनपत निवासी ककड़ीपुर बागपत व सौरभ उर्फ गोटी निवासी गांव इटावा जिला मुजफ्फरनगर के खिलाफ गवाही दी थी। सीओ बुढ़ाना गिरजा शंकर त्रिपाठी के मुताबिक हत्या के मामले में आरोपित प्रशांत पर दबाव बना रहे थे। अनिल व सौरभ के खिलाफ हत्‍या की एफआइआर दर्ज कर छानबीन की जा रही है। 

Posted By: Divyansh Rastogi

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