लखनऊ, जेएनएन। ग्रामीण सड़क अधिकरण विभाग में अकाउंटेंट के पद पर तैनात शशि भूषण शुक्ला ने सोमवार सुबह हाथ की नस और गला काटकर आत्महत्या का प्रयास किया। उन्हें गंभीर हालात में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह बीते कुछ दिनों में दो बार कोविड पाजिटिव हो चुके थे। जिसके कारण काफी कमजोर हो गए थे। 11 मई को ही उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी। वहीं, चर्चा है कि आफिस के एक अधिकारी लगातार उन पर ज्वाइनिंग का दबाव बना रहे थे। जिसके चलते वह तनाव में थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

न्याय विहार सीतापुर निवासी शशि भूषण शुक्ला डालीबाग स्थित ग्रामीण अधिकरण विभाग में अकाउंटेंट हैं। सोमवार सुबह उन्होंने घर के अंदर कमरे में ब्लेड से हाथ की नस और गला काट कर आत्महत्या का प्रयास किया। शशि भूषण को खून से लथपथ देखकर उनका बेटा आनन फानन परिवारीजनों की मदद से उन्हें सिविल लेकर पहुंचा। जहां, डाक्टरों ने हालत नाजुक देख उन्हें पोस्ट कोविड वार्ड में भर्ती कर लिया। घटना की जानकारी पर एसीपी हजरतगंज राघवेंद्र मिश्र ने परिवारीजनों से मुलाकात कर बात की। इसके अलावा वह डालीबाग स्थित आफिस में भी जांच के लिए पहुंचे।

एसीपी ने बताया कि बीते 15 अप्रैल को शशि भूषण की कोविड पॉजिटिव रिपोर्ट आयी थी। वह आफिस से छुट्टी पर चल रहे थे। कोविड की होम आइसोलेशन अवधि पूरी होने पर फिर उन्होंने जांच कराई तो रिपोर्ट पाजिटिव ही आयी। इस कारण वह अवसाद में थे। 11 मई को उन्होंने पुनः जांच कराई जिसमें उनकी रिपोर्ट निगेटिव हुई। वहीं, परिवार के करीबी लोगों और आफिस में चर्चा यह भी है कि दफ्तर के अधिकारी शशि भूषण पर अब ज्वाइनिंग का दबाव बना रहे थे। चूंकि शशि भूषण कोविड के कारण काफी कमजोर हो गए थे। इस कारण वह तनाव में भी थे और अभी घर पर ही आराम करना चाह रहे थे। इसी तनाव में उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया। एसीपी ने बताया कि सभी बिंदुओं पर पड़ताल की जा रही है। परिवार वाले जो भी लिखित में देंगे उसके आधार पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।