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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

History Sheeter Vikas Dubey: विकास के घर पर चल सकता है LDA का पीला पंजा, मां बोली- सरकार नष्ट करे अपराधी की संपत्ति

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Sun, 05 Jul 2020 01:00 PM (IST)Updated: Sun, 05 Jul 2020 07:52 PM (IST)

Absconding History Sheeter Vikas Dubeyलखनऊ में रहने वाली विकास दुबे की मां सरला देवी ने कहा कि पुलिस या एलडीए ...और पढ़ें

History Sheeter Vikas Dubey: विकास के घर पर चल सकता है LDA का पीला पंजा, मां बोली- सरकार नष्ट करे अपराधी की संपत्ति
History Sheeter Vikas Dubey: विकास के घर पर चल सकता है LDA का पीला पंजा, मां बोली- सरकार नष्ट करे अपराधी की संपत्ति

लखनऊ, जेएनएन। कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में एक सीओ सहित आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपित विकास दुबे भले ही भागता फिर रहा है, लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार उसको लगातार आर्थिक चोट देती जा रही है। गांव की विशाल हवेली को जमींदोज करने के बाद सरकार की निगाह अब विकास दुबे के लखनऊ के कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी स्थित आवास पर है। 

कानपुर में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाले बदमाश विकास दुबे के लखनऊ की कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी स्थित घर पर एलडीए का बुलडोजर चल सकता है। कारण, इस मकान का नक्शा एलडीए में नहीं मिला है। हालांकि, इसी कॉलोनी में स्थित उसके भाई के मकान का नक्शा एलडीए को मिल गया है और निर्माण भी नक्शे के अनुरूप पाया गया है।

दोनों मकानों की जांच के लिए रविवार सुबह लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एक टीम अधिशासी अभियंता कमलजीत सिंह की अगुआई में पहुंची। इंद्रलोक कॉलोनी स्थित दो मकान विकास दुबे से जुड़े हैं। रविवार को उनका मौके पर परीक्षण किया गया। यहां स्थित मकान नंबर जे 424 वह मकान है, जिसमें विकास दुबे की पत्नी और वह खुद रहता था। एक अन्य मकान के-528 है। यह विकास के भाई दीप प्रकाश के नाम है। इसका नक्शा एलडीए में प्राप्त हुआ है। अधिशासी अभियंता कमलजीत सिंह ने बताया कि विकास दुबे के घर का नक्शा नहीं मिल पा रहा है। इससे यकीनन ये कहा जा सकता है कि निर्माण अवैध ही होगा। 

इंद्रलोक कॉलोनी की दो मकान जो कि विकास दुबे से जुड़े हुए हैं, उनका मौके पर परीक्षण किया गया। मकान नंबर जे 424 वह मकान है, जिसमें विकास दुबे की पत्नी और वह खुद रहता था। इसका मानचित्र एलडीए की मानचित्र सेल में नहीं प्राप्त हुआ है। 

कॉलोनी में एक अन्य मकान के-528 विकास के भाई दीप प्रकाश के नाम है। जिसमें मां तथा पत्नी के साथ रहता है। बिकरू कांड के बाद उसी रात से भाई दीप प्रकाश दुबे भी गायब फरार है। उसकी पत्नी गांव की प्रधान है। दीप प्रकाश की पत्नी को भी पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में लिया था।  विकास के भाई के मकान का नक्शा एलडीए में प्राप्त हुआ। नक्शे के आधार पर प्राधिकरण में जांच की गई। जांच से पता चला कि जिस तरह का निर्माण नक्शे में दर्ज किया गया वैसा ही मौके पर पाया गया।

अधिशासी अभियंता कमलजीत सिंह ने बताया कि विकास दुबे के घर का नक्शा नहीं मिल पा रहा है। जिससे यकीनन ये कहा जा सकता है कि निर्माण अवैध ही होगा। नक्शा पास नहीं है, इसलिए ही एलडीए में नहीं मिल पा रहा है। इसलिए पूरी कार्रवाई हम करेंगे। बस प्रक्रिया को पूरा करना होगा। एलडीए की संयुक्त सचिव ऋतु सुहास ने बताया कि जिस कॉलोनी में विकास दुबे का मकान है, उस कॉलोनी का लेआउट वर्ष 1990 में पास हुआ था। इस कॉलोनी में एलडीए नक्शे पास करता है। विकास दुबे के मकान पर फिलहाल अवैध निर्माण का कोई नोटिस नहीं दिया गया है।

मां ने कहा-विकास अपराधी, सरकार नष्ट करे उसकी संपत्ति

लखनऊ में रहने वाली विकास दुबे की मां सरला देवी ने कहा कि पुलिस या एलडीए,  विकास या किसी का भी घर गिराए हमको कोई परेशानी नहीं है। विकास तो अपराधी है, सरकार उसकी संपत्ति नष्ट करे। हम जिस घर में रह रहे हैं, वह छोटी बहू अंजली के नाम है। इसको न गिराए। 

क्या कहते हैं लविप्रा उपाध्यक्ष? 

लविप्रा उपाध्यक्ष शिवाकांत द्विवेदी के मुताबिक, एलडीए विकास दुबे के मकान के निर्माण और नक्शे की जांच कर रहा है। हमारी एक प्रक्रिया है। पहले नोटिस, फिर सुनवाई और उसके बाद ध्वस्तीकरण आदेश होता है। हम अभी जांच कर रहे हैं कि विकास दुबे के मकान के खिलाफ कितनी कार्यवाही हो चुकी है। यह कॉलोनी 1990 में बनी थी निर्माण पुराना है।