लखनऊ (जागरण संवाददाता)। एक मिशनरी में पढ़ाई के लिए आ रही तीन बालिकाओं को देख पीएमओ के ट्विटर पर दी गई सूचना से लखनऊ में हड़कंप मच गया। आरपीएफ और जीआरपी ने तीनों बालिकाओं को सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया जहां बालिकाओं ने बताया कि उनको पढ़ाई के लिए लखनऊ लाया जा रहा था। इसके बाद तीनों बालिकाओं को उतरेटिया स्थित एक मिशनरी संस्था के हवाले कर दिया गया।

रायपुर गरीब रथ एक्सप्रेस से एक नन 13 से 15 साल की तीन बालिकाओं को लेकर लखनऊ आ रही थी। इस बीच एक यात्री को शक हुआ कि तीनों बालिकाओं को धर्मांतरण के लिए ले जाया जा रहा है। इसके बाद उस यात्री ने पीएमओ को इस बारे में ट्वीट कर दिया। पीएमओ ने रेल मंत्री के ट्विटर पर इस जानकारी को शेयर कर मामले की जांच करने को कहा। रेल मंत्री के ट्विटर से निर्देश मिलते ही लखनऊ में रेलवे प्रशासन सकते में आ गया।

यह भी पढ़ें: तमिलनाडु के किसानों का प्रधानमंत्री कार्यालय के निकट नग्न प्रदर्शन

मौके पर आरपीएफ के साथ जीआरपी पहुंची। ट्रेन लखनऊ आयी तो तीनो बालिकाओं से पूछताछ की गई। बालिकाओं ने बताया कि वह नन के साथ पढ़ाई के लिए लखनऊ आ रहीं थी। इसके बाद तीनों बालिकाओं को सीडब्ल्यूसी के सामने पेश किया गया। यहां भी बालिकाओं ने बताया कि वह पढ़ाई के लिए आ रही थी। इसके बाद उतरेटिया स्थित एक मिशनरी संस्था को तीनों बालिकाओं को सौंप दिया गया।

यह भी पढ़ें: अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोग्राम: निजी रीयल इस्टेट डेवलेपर्स को शामिल करने की तैयारी, पीएमओ ने की बैठक

Posted By: amal chowdhury

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस