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भाजपा जीतेगी या सपा…? ढाई-ढाई लाख का दांव, अगर ऐसा हुआ तो अपने आप निरस्त हो जाएगी शर्त, स्टांप पेपर वायरल

भाजपा और सपा प्रत्याशी की हार-जीत पर लगाई गई शर्त का यह अनुबंध पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। दस रुपये के स्टांप पेपर पर बाकायदा गवाहों के नाम के साथ किए गए अनुबंध पत्र में रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव पतेई नासिर निवासी विजेंद्र सिंह ने भाजपा के प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य की जीत का दावा किया है।

By Jagran News Edited By: Shivam Yadav Published: Wed, 15 May 2024 11:05 PM (IST)Updated: Wed, 15 May 2024 11:05 PM (IST)
भाजपा जीतेगी या सपा…? ढाई-ढाई लाख का दांव।

संवाद सूत्र, संभल। इसे जुआ कहिए या सट्टा…अब प्रत्याशियों के जीत व हार के लिए भी जमकर दांव लग रहे हैं। पहले यह मौखिक होता था, लेकिन अब स्टांप पेपर पर गवाहों के मौजूदगी में इसे पक्का करके शर्त लगाई जा रही है। 

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ताजा मामला रजपुरा क्षेत्र का है। यह क्षेत्र बदायूं लोकसभा क्षेत्र के गुन्नौर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। ऐसे में यहां भाजपा के प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य और सपा प्रत्याशी आदित्य यादव के जीत हार पर शर्त लगी है। इससे जुड़ा अनुबंध पत्र इंटरनेट मीडिया पर भी वायरल हो रहा है।

शर्त के पीछे की असली कहानी

बदायूं में चुनाव नतीजे को लेकर दो ग्रामीणों ने बाकायदा लिखापढ़ी में दो लाख तीस हजार रुपये का अनुबंध किया है। भाजपा और सपा प्रत्याशी की हार-जीत पर लगाई गई शर्त का यह अनुबंध पत्र इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। 

दस रुपये के स्टांप पेपर पर बाकायदा गवाहों के नाम के साथ किए गए अनुबंध पत्र में रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव पतेई नासिर निवासी विजेंद्र सिंह ने भाजपा के प्रत्याशी दुर्विजय सिंह शाक्य की जीत का दावा किया है। वहीं दूसरे पक्ष से नीरेश कुमार ने सपा के आदित्य यादव की जीत का दावा किया है। इसे लेकर दोनों ने शर्त लगाई है।

अनुबंध पत्र के मुताबिक, जिसका दावा सही निकला वह शर्त जीतेगा। दो लाख तीस हजार रुपये हारने वाले से लिए जाएंगे। हार-जीत के अनुबंध के दो गवाह भी हैं। अनुबंध पत्र में यह भी लिखा गया है कि अगर चुनाव में किसी भी प्रत्याशी की जीत 5 हजार या 5 हजार से कम मतों से जीत होती है तो अनुबंध पत्र अपने आप निरस्त हो जाएगा।

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