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7720 लेखपालों को मिले नियुक्ति पत्र, 4700 की और होगी भर्ती; CM योगी बोले- ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हुआ चयन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को प्रदेश में मिशन रोजगार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 7720 लेखपालों को नियुक्ति पत्र सौंपा। सीएम ने कहा प्रदेश व केंद्र की डबल इंजन की सरकार युवाओं को रोजगार और नौकरी से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सीएम योगी ने कहा जल्द ही 4700 नए लेखपालों की नियुक्ति की जाएगी।

By Anand Mishra Edited By: Abhishek Pandey Wed, 10 Jul 2024 03:50 PM (IST)
7720 लेखपालों को मिले नियुक्ति पत्र, 4700 की और होगी भर्ती; CM योगी बोले- ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ हुआ चयन
लेखपालों को नियुक्ति पत्र देते उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मिशन रोजगार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को 7720 लेखपालों को नियुक्ति पत्र सौंपे। लोकभवन सभागार में आयोजित नियुक्त पत्र वितरण समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश व केंद्र की डबल इंजन की सरकार युवाओं को रोजगार और नौकरी से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।

पिछले सात वर्षों से नियुक्ति की प्रक्रिया बिना किसी भेदभाव के पूरी की जा रही है और उसी का परिणाम है कि छह लाख से अधिक युवाओं को हम नौकरी प्रदान करने में सफल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नव चयनित लेखपालों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास भी कराया। कहा, आप भी बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के काम करें और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डालर तक पहुंचाने का हिस्सा बनें।

जल्द ही होगी 4700 लेखपालों की भर्ती

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही 4700 और लेखपालों की नई नियुक्त प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस मौके पर उन्होंने पूर्व की सरकारों पर निशाना भी साधा। कहा, 2017 के पहले लेखपालों के आधे पद खाली क्यों थे, क्योंकि भर्ती की प्रक्रिया से पहले ही चचा-भतीजे की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी। अलग-अगल जिले आवंटित हो जाते है।आज एक भी व्यक्ति की चयन प्रक्रिया में किसी को सिफारिश की आवश्यकता नहीं पड़ती। युवाओं का यही विश्वास हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने के जो प्रयास शुरू हुए हैं, नियुक्ति प्रक्रिया उसी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमने 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त की है। अभी 30 लाख करोड़ के प्रस्तावों को जमीन पर उतारना बाकी है। इससे 1.62 करोड़ युवाओं को अपने जिलों में रोजगार मिलेगा।

यही नहीं प्रदेश सरकार ने स्वरोजगार के लिए केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। पीएम मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, ओडीओपी सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से 62 लाख युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश की बेरोजगारी दर तेजी से नीचे गिरी है।

कहा, वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश देश की छठी अर्थव्यवस्था माना जाता था, आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। आज उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है। इसे बरकरार रखने की आवश्यकता है। इसमें आपको भी (लेखपाल) पूरी ताकत लगाने की आवश्यकता है। आपके प्रयास से वरासत, पैमाइश की कार्रवाई समय से पूरी हो, निवेश की संभावनाओं को भी आगे बढ़ाने में मदद मिले।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों में हिंसक वारदातें एक-दो फुट के लिए होती हैं, हम सही सीमांकन कर इन विसंगतियों को दूर कर सकते हैं। पैमाइश में गरीब देखता रहा जाता है और कोई दबंग व्यक्ति कब्जा कर लेता है। उन्होंने बताया कि गांवों में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को घरौनी के माध्यम से उसकी जमीन का मालिकाना हक दिया जा रहा है। अब तक 63 लाख लोगों को यह अधिकार मिल चुका है।

इस वर्ष के अंत तक सभी 1.25 करोड़ लोगों को घरौनी के माध्यय से मालिकाना हक मिल जाए। इससे गांव की जमीन संबंधी विवाद समाप्त हो जाएंगे। इस मौके पर वित्तमंत्री सुरेश खन्ना, राजस्व परिषद के अध्यक्ष रजनीश दुबे सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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