69000 शिक्षकों की भर्ती के मामले में दोनों पक्षों की दलील पूरी, अब 29 को अगली सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती के आरक्षण और चयन प्रक्रिया विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। दोनों ...और पढ़ें

HighLights
69 हजार शिक्षक भर्ती विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई।
आरक्षण और चयन प्रक्रिया के नियमों पर हुई चर्चा।
मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को निर्धारित।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण और चयन प्रक्रिया से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ के सामने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें रखीं। सुनवाई में मुख्य रूप से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) और शिक्षक भर्ती से जुड़े नियमों और भर्ती प्रक्रिया में उनकी भूमिका पर चर्चा हुई।
अधिवक्ताओं ने अदालत को बताया कि टीईटी और शिक्षक भर्ती के नियमों को चयन प्रक्रिया से किस तरह जोड़ा जाना चाहिए। दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क और नियमों के आधार पर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया।
आरक्षित वर्ग की ओर से अधिवक्ता मनदीप कालरा ने एक चार्ट प्रस्तुत कर भर्ती के नियमों और उनके आपसी संबंध को समझाने का प्रयास किया। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर मामला रवि कुमार सक्सेना बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के नाम से लंबित है।
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इसमें आरक्षण, चयन प्रक्रिया, टीईटी और शिक्षक भर्ती समेत कई कानूनी प्रश्न जुड़े हैं। गुरुवार को सुनवाई पूरी नहीं हुई और कोई अंतिम निर्णय भी नहीं आया। अब मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर को प्रस्तावित है। अभ्यर्थियों की नजर इस सुनवाई पर टिकी है।
