लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के आठ सरकारी विभागों की ओर से दी जाने वाली 46 सेवाओं को जनता को तय समयावधि में उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने उन्हें उत्तर प्रदेश जनहित गारंटी अधिनियम में शामिल किया है। इन्हें मिलाकर अधिनियम में अब 39 विभागों की कुल 306 सेवाएं शामिल हो चुकी हैं। अधिनियम में अब तक 34 विभागों की 260 सेवाएं शामिल थी। लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने शुक्रवार को इस बारे में अधिसूचना जारी कर दी है।

राज्य सरकार की ओर से जारी अधिसूचना में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की तीन, सैनिक कल्याण विभाग की नौ, पंचायती राज, राजस्व तथा चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभागों की एक-एक सेवाएं शामिल की गई हैं। श्रम विभाग की 25, दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की चार और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की दो सेवाएं भी अधिनियम में शामिल की गई हैं।

प्रत्येक सेवा को उपलब्ध कराने के लिए समय सीमा तय की गई है। समय से सेवा उपलब्ध न कराने पर प्रथम व द्वितीय अपीलीय अधिकारी का उल्लेख किया गया है और उनके स्तर से अपील के निस्तारण की समयावधि भी तय की गई है। श्रम विभाग की ओर से प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं में तत्काल से लेकर 30 कार्य दिवस तक की समय सीमा निर्धारित की गई है।

  • विभाग : सेवा : समयसीमा
  • राजस्व : हैसियत प्रमाणपत्र : 30 कार्य दिवस
  • पंचायती राज : कुटुंब रजिस्टर की नकल 15 कार्य दिवस
  • चीनी एवं गन्ना गन्ना उद्योग : ऑनलाइन खांडसारी लाइसेंस की व्यवस्था : पांच कार्य दिवस
  • सैनिक कल्याण : भूतपूर्व सैनिकों को पहचान पत्र जारी करना : पांच कार्य दिवस
  • सैनिक कल्याण : दिवंगत सैनिकों की पत्नियों को पहचान पत्र जारी करना : पांच कार्य दिवस
  • सैनिक कल्याण : भूतपूर्व सैनिक/आश्रित प्रमाण पत्र जारी करना : पांच कार्य दिवस
  • दिव्यांगजन सशक्तीकरण : दिव्यांग भरण पोषण अनुदान योजना : 30 कार्य दिवस
  • दिव्यांगजन सशक्तीकरण : कुष्ठावस्था पेंशन योजना - 30 कार्य दिवस
  • दिव्यांगजन सशक्तीकरण : शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना : 30 कार्य दिवस
  • अल्पसंख्यक कल्याण : पूर्व दशम/दशमोत्तर शुल्क प्रतिपूर्ति योजना : 30 कार्य दिवस

Posted By: Umesh Tiwari

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