लखनऊ(जागरण संवाददाता)। लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध 30 डिग्री कॉलेजों को नए शैक्षिक सत्र 2018-19 में कोर्सेज चलाने की मान्यता दे दी गई है। बुधवार (18 जुलाई) को कार्यपरिषद की आपात बैठक में डिग्री कॉलेजों की मान्यता पर मुहर लगाई गई। ऐसे कॉलेज जिन्होंने अस्थायी व स्थाई संबद्धता के लिए निर्धारित समय सीमा के बाद आवेदन किया उन पर एक लाख व तीन लाख रुपये तक का जुर्माना लगाकर संबद्धता देने का निर्णय लिया गया। वहीं कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड एजुकेशन ने इस सत्र में दाखिला न लेने की अनुमति मागी थी, इस पर उसे एक साल कोर्स न चलाने की अनुमति दे दी गई।

लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह की अध्यक्षता में कॉलेजों को कोर्सेज चलाने की अस्थाई व स्थाई संबद्धता दी गई। ऐसे दस कॉलेज जिन्होंने स्थाई संबद्धता के लिए निर्धारित सात वर्ष की समय सीमा और अस्थाई संबद्धता के लिए तीन वर्ष की समय सीमा के बाद आवेदन किया उन पर क्रमश: एक लाख व तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाकर मान्यता दी गई। लखनऊ डिग्री कॉलेज को बीए कोर्स चलाने की मान्यता तीन लाख रुपये जुर्माने के साथ दी गई। वहीं जिन कॉलेजों को एक लाख रुपये के जुर्माने के साथ कोर्स चलाने की मान्यता दी गई उसमें लखनऊ कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड एजुकेशन को बीबीए, दिव्या सिंह मेमोरियल कॉलेज को बीए, अकबरी बेगम लॉ कॉलेज को एलएलबी ऑनर्स व एलएलबी त्रिवर्षीय कोर्स, राधेश्याम डिग्री कॉलेज को बीए व बीकॉम, इस्लामिया डिग्री कॉलेज को बीएससी, नर्वदेश्वर डिग्री कॉलेज को बीबीए व बीकॉम, रामा कान्वेंट कॉलेज को बीए व बीकॉम, बीएसएनवी पीजी कॉलेज को बीकॉम और नगर निगम डिग्री कॉलेज को बीकाम कोर्स चलाने की मान्यता दी गई। इसके अलावा जिन कॉलेजों ने नियमानुसार तय समय सीमा पर आवेदन किया और उन्हें कोर्स चलाने की मान्यता दी गई उनमें सूर्या कॉलेज ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट को बीकॉम, मुमताज कॉलेज को बीकॉम, डॉ. आशा स्मृति कॉलेज को बीए व बीकॉम, एग्जॉन ग‌र्ल्स डिग्री कॉलेज को बीए व बीकाम, श्री दुर्गा शिक्षा निकेतन को एमकाम व एमए समाजशास्त्र, बोरा इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट को एमकॉम, शेरवुड कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट को बीकॉम, गौतम बुद्ध डिग्री कॉलेज को बीकॉम, लखनऊ डिग्री कॉलेज को बीकॉम, एकेजी कॉलेज को बीकॉम, श्रीकृष्ण दत्त एकेडमी को बीएससी, वनस्थली ज्ञानपीठ ग‌र्ल्स डिग्री कॉलेज को बीए व बीकॉम, सरदार पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदिक मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को बीएएमएस, भालचंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन एंड मैनेजमेंट को बीएससी कृषि, सेंटर मदर टेरेसा विधि कॉलेज को लॉ ऑनर्स, इंस्टीट्यूट ऑफ कोआपरेटिव एंड कारपोरेट मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग को बीबीए व बीकॉम ऑनर्स और गोयल इंस्टीट्यूट ऑफ हायर स्टडीज को बीएफए कोर्स चलाने की मान्यता दी गई। 48 नहीं 45 प्रतिशत पर मिलेगी सेकेंड डिवीजन:

लविवि में अब विद्यार्थियों को 48 प्रतिशत अंक की बजाय 45 प्रतिशत अंक पाने पर ही सेकेंड डिवीजन मिलेगी। नए शैक्षिक सत्र 2018 से इस नए नियम को लागू किया जाएगा। अभी प्रदेश में अन्य विश्वविद्यालयों में 45 प्रतिशत अंक पाने पर ही सेकेंड डिवीजन दी जाती है। ऐसे में एकरूपता लाने के लिए लविवि इसे तीन अंक घटाएगा।

बुधवार को कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने डीन, परीक्षा नियंत्रक व रजिस्ट्रार सहित अन्य अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। अब शुक्त्रवार को फिर से अधिकारियों की बैठक होगी और परीक्षा से संबंधित नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। वीसी ने बताया कि वर्तमान शैक्षिक सत्र 2018 से बीए, बीएससी व बीकॉम में भी सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी गई है। ऐसे में परीक्षा के नियमों में एकरूपता व बदलाव किया जाएगा। इसे लेकर बैठक की गई।

ग्रेस के सात अंक पाकर विद्यार्थी अभी सिर्फ एक पेपर में पास हो सकता है, लेकिन अब इसे जरूरत के अनुसार बाटकर दो पेपर में देने का प्रावधान होगा। अगर उसे पास होने के लिए एक पेपर में चार अंक और दूसरे पेपर में तीन अंक की जरूरत है तो वह उसे हासिल कर सकेगा। अभी जो नियम हैं वह वार्षिक परीक्षा प्रणाली के अनुसार हैं, अब सेमेस्टर प्रणाली के अनुसार नियम तैयार किए जा रहे हैं। सेमेस्टर प्रणाली में 80 अंक लिखित परीक्षा के होंगे और 20 अंक आतरिक मूल्याकन के होंगे।

Posted By: Jagran

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