लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश भर में तीन लाख 12 हजार 972 ऐसे लोगों को चिह्नित किया गया है, जिनमें कोरोना वायरस के संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। अब इन सभी लोगों की कोरोना वायरस के संक्रमण जांच करवाई जा रही है। इनमें से जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया जाएगा। इन सभी लोगों को पूरे प्रदेश में बनाई गई 61,350 कोविड-19 हेल्प डेस्क की मदद से चिह्नित किया गया है।

उत्तर प्रदेश में सभी सरकारी विभागों, निजी प्रतिष्ठानों व उद्योगों में कोरोना हेल्प डेस्क तैयार की गई है। यहां इंफ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर इत्यादि की व्यवस्था की गई है। यहां लोगों की प्रारंभिक जांच की व्यवस्था है। फिलहाल 31,29,72 लोगों में जुकाम, खासी, बुखार और सांस लेने में दिक्कत पाई गई। वहीं कोरोना के लगातार बढ़ रहे मामलों के बीच मेडिकल स्क्रीनिंग का काम तेज कर दिया गया है। अब प्रदेश भर में 22,16,73 मेडिकल टीमों के माध्यम से 7,95,68,776 लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

20,103 कोरोना मरीजों ने चुना होम आइसोलेशन का विकल्प : यूपी में कोरोना वायरस के इस समय 43,654 एक्टिव केस हैं। यानी जो 1,09,157 रोगी मिले हैं उनमें से 63,402 ठीक हो चुके हैं। अभी तक पूरे प्रदेश में 20,103 कोरोना मरीजों ने अपने घर में ही आइसोलेट होकर इलाज करवाना पसंद किया। इसमें से 5,897 अभी तक ठीक हो चुके हैं और अब इस समय 14,206 कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में हैं।

प्राइवेट हॉस्पिटल में कोरोना के 1282 रोगी : यूपी में कोरोना वायरस के इस समय 282 रोगी प्राइवेट हास्पिटल में अपना इलाज करवा रहे हैं और 178 मरीज ऐसे हैं जो होटल में आइसोलेट हुए हैं। वहीं इसके अलावा करीब 80 हजार से ज्यादा रोगी कोविड-19 के सरकारी अस्पतालों में भर्ती होकर अपना इलाज करवा रहे हैं। बीते दिनों होम आइसोलेशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई है। बिना लक्षण वाले रोगियों को जिनके घर में दो टॉयलेट और एक अलग कमरे की व्यवस्था है, उन्हें कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए होम आइसोलेशन की सुविधा दी गई है। फिलहाल होम आइसोलेशन का विकल्प चुनने वाले मरीजों में से करीब तीस फीसद अब तक स्वस्थ हो चुके हैं, बाकी का इलाज स्वास्थ्य विभाग की देखरेख में घर पर ही चल रहा है।

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