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इलाज में लापरवाही पर यूपी के 26 सरकारी डॉक्टर बर्खास्त, 9 पर विभागीय कार्रवाई का आदेश : ब्रजेश पाठक

Published: Thu, 03 Sep 2026 07:58 PM (IST)

उत्तर प्रदेश में इलाज में लापरवाही और अनुपस्थिति के चलते 26 सरकारी डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया ...और पढ़ें

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।

HighLights

  1. 26 सरकारी डॉक्टर इलाज में लापरवाही पर बर्खास्त।

  2. 9 अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के आदेश।

  3. उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने लापरवाही बर्दाश्त न करने को कहा।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रदेश सरकार एक ओर डाक्टरों के मानदेय में बढ़ोत्तरी कर रही है और दूसरी ओर लापरवाही बरतने वाले सरकारी डाक्टरों पर कठोर कार्रवाई भी कर रही है। कुछ महीनों से अस्पतालों से गैर हाजिर रहने और मरीजों की चिकित्सा में लापरवाही बरतने पर 26 डाक्टरों को सेवा से बर्खास्त कर दिया।

इनमें से आधा दर्जन सर्जन हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ और नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डाक्टर शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नौ डाक्टरों को विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिये गये हैं।

प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में तैनात डाक्टरों के लंबे समय से वाह्य रोग विभाग से गैर हाजिर रहने, इलाज में लापरवाही करने जैसी शिकायतों पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अनुपस्थित चल रहे और लापरवाही के आरोपों से जुड़े मामलों की समीक्षा की और दोषी पाये गये डाक्टरों को सेवा मुक्त कराने की विभागीय प्रक्रिया पूरी करायी गयी।इसके बाद 26 डाक्टरों को सेवामुक्त कर दिया गया।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन डाक्टरों को सेवामुक्त किया गया, वह फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मीरजापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुलतानपुर और मुजफ्फरनगर के अस्पतालों में तैनात थे। इसके अतिरिक्त इटावा, रामपुर, मेरठ, बदायूं, भदोही, बलरामपुर और गौतमबुद्ध नगर में तैनात नौ डाक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

किन पर गिरी गाज?

फिरोजाबाद के कायमगंज सीएचीस के डा. स्वदेश कुमार, अलीगढ़ डा. वीरेंद्र सिंह, गाजीपुर में स्त्री रोग विभाग डा. स्वाती विश्वकर्मा, हरदोई में रेडियोलाजिस्ट डा.बृजेश यादव, महोबा में ईएनटी सर्जन डा. ईशान दीक्षित, बुलंदशहर की डा. स्वाती आनंद, लखनऊ सिविल हास्पिटल के डा. मनोज कुमार चौरसिया, हरदोई बावन पीएचसी के डा. मो. उताउर रहमान, भटपुर पीएचसी डा. मनीष खन्ना, बलरामपुर डा. अक्षय लेले, मथुरा गोवर्धन सीएचसी जनरल सर्जन डा. राकेश फौजदार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा से बर्खास्त किया गया।

इसी तरह, मीरजापुर जरनल सर्जन डा. नरेंद्र कुमार जायसवाल, झांसी बबीना सीएचसी की डा. निशा बुंदेला, गाजीपुर डा. अचल सिंह, बरेली के डा.शशांक वर्मा, गोरखपुर ब्रहम्हपुर पीएचसी डा. विशाल कुमार सिंह, सहारनपुर गंगोह सीएचसी डा. इन्द्रजीत सिंह, मुरादाबाद डा. मोहम्मद शबाब खान, चंदौली के डा. राजेश कुमार सिंह, मुरादाबाद के डा. मुजफर अली, मैनपुरी डा. कृष्ण मुरारी द्विवेदी, मुरादाबाद डा. फरयाद हुसैन, मऊ डा. तनवीर फरीदी, सुलतानपुर लोकनाथपुर पीएचसी के डा. आशुतोष शुक्ला, अमनाईकपुर पीएचसी डा. सुशील कुमार खरवार, मुजफ्फरनगर डा. कुंवर विक्रांत को प्रांतीय चिकित्सा सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

विभागीय कार्रवाई का आदेश

उपमुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को इटावा के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. श्रीनिवास यादव, रामपुर के डा. केक चहल, मेरठ की डा. संगीता चोपड़ा, बदायूं के कादरचौक सीएचसी के डा. अवधेश राठौर, भदोही के डा. संतोष चक, बलरामपुर के डा.सुमित कुमार, भदोही के धीरज प्रकाश और गौतमबुद्धनगर के डा.अरविंद मलिक और डा.असद के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है।

पाठक का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डाक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। चिकित्सीय दायित्वों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति, ओपीडी-आइपीडी सेवाओं और मरीजों को मिल रहे उपचार की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं।

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किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि गुजरे एक साल के दौरान लंबे समय से गैर हाजिर रहे 40 से अधिक डाक्टरों को सेवा मुक्त किया गया है।