लखनऊ, राज्य ब्यूरो। ग्राम निधि प्रथम के खाते से निकाले गए 26.49 लाख रुपये से गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। धन की हेराफेरी प्रमाणित होने पर शासन ने औरैया के तत्कालीन परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण गया प्रसाद गौतम व भाग्यनगर की बीडीओ रहीं शांतीदेवी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। गौतम इस समय कानपुर नगर में जिला विकास अधिकारी के पद पर तैनात हैं। निलंबित दोनों अफसरों को ग्राम्य विकास आयुक्त कार्यालय, लखनऊ से संबद्ध किया गया है। 

औरैया के जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक रहे गया प्रसाद ने 2016-17 व 2017-18 में विकासखंड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत जुआ में फर्जी विकास कार्य दिखाकर करीब 16.74 लाख व 9.75 लाख सहित कुल करीब 26.50 लाख रुपये ग्राम निधि प्रथम के खाते से निकाले थे। इस धन से कराए गए विकास कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितता मिली है। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत अभिलेखों में हेराफेरी करके अपात्रों को आवास आवंटित किए गए।

ग्राम्य विकास के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना से वंचित करना शासन ने पद के दायित्व में घोर लापरवाही माना है, इसमें पीडी प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं। उन्हें निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई भी प्रस्तावित की गई है। इसी तरह 2017-18 में विकासखंड भाग्यनगर की बीडीओ रही शांतीदेवी भी ग्राम पंचायत जुआ में कराए गए विकास कार्य में गड़बड़ी करने और प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अपात्रों को देने में प्रथम दृष्टया दोषी मिली हैं। उन्हें भी निलंबित करके अनुशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

Edited By: Vikas Mishra