लखनऊ, जागरण संवाददाता। उत्तर रेलवे ने अपने चारबाग स्थित मंडल अस्पताल को कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया है। मंडल अस्पताल के 275 में से 250 बेड कोरोना संक्रमित रोगियों के लिए होंगे। जबकि 25 बेड रेलकर्मियों को अन्य बीमारियों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। अस्पताल को पिछली दो बार की कोरोना लहर में संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए आरक्षित रखा गया था। दूसरी लहर में आक्सीजन की कमी से यह अस्पताल भी नहीं बच पाया था। रोगियों के लिए रेलवे को कभी वाराणसी तो कई बार दिल्ली शकूर बस्ती स्थित डिपो से आक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करना पड़ा था।

इन सिलिंडरों को ट्रेनों से लखनऊ पहुंचाया गया था। इसके बाद अस्पताल में ही आक्सीजन जनरेशन प्लांट लगाया गया। यहां 220 बेड को आक्सीजन जनरेशन प्लांट से जोड़ा गया है। जहां प्लांट से सीधे पाइप से बेड तक आक्सीजन की आपूर्ति होती है। इसी तरह 30 बेड पर जंबो सिलिंडर से मैन्यूअली आक्सीजन की आपूर्ति होती है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. कुमार उमेश ने मंडल अस्पताल को कोरोना के लिए तैयार कर लिया है। यहां 14 दिन तक डाक्टर डयूटी पर तैनात होंगे। उनके ठहरने के लिए अस्पताल परिसर में ही पांच कमरों का नया भवन तैयार किया गया है। जबकि कोरोना डयूटी करने वाले पैरामेडिकल स्टाफ को आनंद नगर की तरफ चारबाग रेलवे स्टेशन की सेकेंड एंट्री के पास स्थित ट्रेनिंग सेंटर में ठहराया जाएगा।

संविदा पर होगी भर्तीः डीआरएम एसके सपरा ने कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त संख्या में डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने को कहा है। इसी के तहत संविदा पर अब डाक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ की भी भर्ती की जाएगी। मुख्य चिकित्सा निदेशक से संविदा पर होने वाली इन भर्तियों के लिए मंजूरी भी मिल गयी है। वहीं रेलवे अपनी छोटी हेल्थ यूनिटों में ओपीडी शिफ्ट करने की तैयारी है।

Edited By: Vikas Mishra