लखनऊ, जागरण संवाददाता। सेंट्रल बोर्ड आफ सेकेंड्री एजूकेशन (सीबीएसई) से संबद्ध निजी स्कूलों की म स्कूलों को अब शिक्षा भवन के चक्कर काटने से निजात मिलेगी। इन स्कूलों को अब एनओसी के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों की चौखट के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने विभाग ने एनओसी के लिए आवेदन से लेकर प्राप्त करने तक की सुविधा को आनलाइन कर दिया है। माना जा रहा कि इससे एनओसी देने के नाम पर होने वाली वसूली पर अंकुश लगेगा।

दरअसल सीबीएसई बोर्ड के तहत संचालित स्कूलों को संचालन के लिए एनओसी की जरूरत पड़ती है। इसके लिए स्कूल संचालक द्वारा विभाग को आवेदन करते थे। एनओसी की यह फाइन विभाग के संयुक्त निदेशक समेत कई अन्य अधिकारियों से होकर गुजरती थी। इसके चलते एक टेबल से दूसरे टेबल तक फाइल को भिजवाने में स्कूल संचालकों को काफी पैरवी करनी पड़ती थी। कई बार विभाग पर एनओसी के लिए परेशान करने के आरोप भी लगते रहे। ऐसे में इस व्यवस्था परिवर्तन के लिए विभाग ने आनलाइन एनओसी की सुविधा शुरू की है।

अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि एनओसी का आनलाइन मिलना बहुत अच्छी पहल है। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद भी निजी स्कूलों को एनओसी के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई बार बहुत समय लग जाता। इसके चलते स्कूल संचालन में परेशानी भी उठानी पड़ी। एनओसी का आनलाइन मिलना बहुत राहत देने वाला है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक सुरेंद्र तिवारी ने बताया कि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए जाने के लिए सीबीएसई से सम्बंध स्कूलों को एनओसी ऑनलाइन माध्यम से मूल्य कराए जाने की शुरुआत की गई है। अभी हाल ही में करीब आधा दर्जन स्कूलों को ऑनलाइन माध्यम से ही एनओसी मुहैया कराई गई है। किसी स्तर पर कोई समस्या आती है तो स्कूल हमसे संपर्क कर सकते हैं।

Edited By: Rafiya Naz