लखनऊ, [जितेंद्र उपाध्याय]। कोरोना संक्रमण काल में जब लोग घरों में कैद होकर खुद के भविष्य को लेकर मंथन करने में जुटे थे, उस बीच कुछ कामकाजी महिलाओं ने खुद के विकास की गाथा लिखकर समाज के अंदर एक नई सोच पैदा कर दी। लखनऊ के चिनहट के लौलाई गांव की विभा ने भी न केवल अपना स्टार्टअप शुरू किया बल्कि 150 से अधिक महिलाओं को सिलाई कढ़ाई की ट्रेनिंग देकर उन्हें रोजगार से जोड़ दिया। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मदद से विभा इन दिनों रोल माडल बनकर साथी महिलाओं का हौसला बढ़ा रही हैं। अकेले विभा ही आलमबाग की तृप्ता शर्मा ने अपनी जैसी 300 से अधिक महिलाओं काे जिला नगरीय विकास अभिकरण से जोड़कर उन्हें अपने पैरों पर ख़ड़ा कर दिया।

परियोजना अधिकारी निधी वाजपेयी के सहयोग से महिलाओं की आर्थिक उन्नति हो रही है। ये दो महिलाएं नहीं सूबे में 4365 स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 9045 महिलाओं को जोड़ा गया। मिशन के सूचना अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि मिशन की ओर से अभियान चलाकर विपरीत परिस्थितियों में रह रही महिलाओं को समूह से जोड़कर काम दिया गया। हालात यह रहे कि एक साल के अंदर लखनऊ समेत सूबे के हर जिले में स्टार्टअप को रफ्तार मिली। ग्रामीण इलाके से शहर की ओर पलायन को रोकने के लिए सरकार की ओर से उनके घर के पास ही रोजगार देने की बात कही गई। मिशन की ओर से समूह बनाकर मास्क, स्कूल ड्रेस, दीपक व रंग-गुलाल बनवाया गया। इसके बदले उन्हें भुगतान किया गया।

सूबे में बने समूहों पर एक नजर

  • कार्य-समूह-सदस्य-लाभ
  • मास्क बनाना-5163-20369-6.62 करोड़
  • शौचालय-20232-20232-145 करोड़
  • स्कूल ड्रेस-19094-67008-101 करोड़
  • स्टार्टअप-4365-9045-86 करोड़
  • सिटीजन इनफार्मेशन बोर्ड-1043-5376-छह करोड़
  • कैंटीन संचालन-60-703-1580-5.6 करोड़
  • बच्चों का विकास-58735-198687-176 करोड़
  • सौर ऊर्जा-632-3889-आठ करोड़

Edited By: Anurag Gupta