लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले व‍िधानसभा चुनाव से पहले राजनीत‍ि सरगर्मी तेज हो गई है। चुनावी रण जीतने के लिए राजनीतिक दल कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। मतदाताओं को रिझाकर चुनाव जीतने के लिए पार्टियों के लोक लुभावने वादों का पिटारा खुलने लगा है। उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी के लिए तमाम जतन कर रही कांग्रेस विधानसभा चुनाव में मतदाताओं के बीच न्यूनतम आय गारंटी योजना का चुनावी वादा करने का तानाबाना बुन रही है।

कांग्रेस ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में सत्ता में आने पर 'न्याय' योजना लागू करने का एलान किया था। इस योजना का उद्देश्य देश के पांच करोड़ निर्धनतम परिवारों को सालाना 72 हजार रुपये (छह हजार रुपये मासिक) की न्यूनतम आय की गारंटी मुहैया कराना था। बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार पर हमलावर कांग्रेस अब इसी तर्ज पर उत्तर प्रदेश के लिए भी कल्याणकारी योजना का खाका तैयार करने में जुटी है।

सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए इसी तर्ज पर योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। पार्टी की मैनिफैस्टो कमेटी इसके तौर तरीकों और उत्तर प्रदेश के संदर्भ में इसके आकार-प्रकार पर मंथन कर रही है।

जुमे की नमाज के बाद मस्जिदों में संकल्प पत्र बांटेगी कांग्रेस : प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में छह सितंबर को आयोजित परिवर्तन संकल्प सम्मेलन में पारित 16 सूत्री मांगपत्र को शुक्रवार से प्रदेश के मुस्लिम बहुल मोहल्लों में पहुंचाया जाएगा। संकल्प पत्र को मुस्लिम बहुल मोहल्लों में पहुंचाने के लिए इसे मस्जिदों में बांटा जाएगा। कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग की ओर से मस्जिदों में संकल्प पत्र वितरण का अभियान 15 अक्टूबर तक चलेगा।

25 लाख लोगों तक पहुंचाया जाएगा संकल्प पत्र : अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज आलम ने बताया कि अभियान के तहत हर शुक्रवार को प्रत्येक विधान सभा की छह बड़ी मस्जिदों में नमाज के बाद ये संकल्प पत्र बांटे जाएंगे। इसके लिए प्रदेश की 8432 मस्जिदें चिन्हित की गई हैं। लोगों को इसकी जानकारी देने के लिए अल्पसंख्यक विभाग की ओर से हर जिले में प्रेस कांफ्रेस आयोजित की जाएगी। अभियान के जरिये 25 लाख लोगों तक संकल्प पत्र पहुंचाया जाएगा। सभी प्रदेश पदाधिकारी अपने प्रभार वाले जिलों में रुक कर अभियान की निगरानी करेंगे।

Edited By: Umesh Tiwari