लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही राज्य के 56 लाख बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन देंगे। सरकार ने चुनावी वर्ष में पांच लाख नए बुजुर्गों को इस योजना से जोड़ा है। इनके जुड़ने से यह योजना अब तक की सबसे बड़ी पेंशन योजना बन गई है। समाज कल्याण विभाग ने पेंशन वितरण कार्यक्रम के लिए सीएम योगी का समय मांगा है।

दरअसल, वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के गरीब बुजुर्गों को उत्तर प्रदेश सरकार 500 रुपये प्रतिमाह पेंशन देती है। वर्ष 2017 में योगी सरकार बनने से पहले 36 लाख बुजुर्गों को ही यह पेंशन दी जाती थी। सरकार ने धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ा दिया। इस साल मार्च में सर्वाधिक 51.21 लाख बुजुर्गों को पेंशन दी गई थी। अब सरकार इसका और विस्तार कर 56 लाख बुजुर्गों को पेंशन देगी। यानी पांच साल में सरकार ने 20 लाख बुजुर्गों को इस योजना से जोड़ा है।

समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन योजना में नए लाभार्थियों का चयन कर लिया है। निदेशक समाज कल्याण राकेश कुमार ने बताया कि वृद्धावस्था पेंशन देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से समय मांगा जा रहा है। उनका समय मिलते ही नए लाभार्थियों को पेंशन योजना का स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपकर उनके खाते में पेंशन भेजी जाएगी।

सत्यापन में मृत मिले ढाई लाख लाभार्थी : प्रदेश सरकार द्वारा हाल में कराए गए वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों के सत्यापन में करीब ढाई लाख लाभार्थी ऐसे थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। साथ ही लगभग 55 हजार अपात्रों को भी पेंशन मिल रही थी। इन सभी से वसूली की कार्रवाई की तैयारी है। समाज कल्याण विभाग हर साल वित्तीय वर्ष की शुरुआत में वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की जांच कराती है। जिलाधिकारी के माध्यम से यह जांच होती है। निदेशक ने बताया कि कई बार बुजुर्गों के निधन की सूचना विलंब से मिल पाती है तो ऐसे में पेंशन खाते में चली जाती है। ऐसे में धनराशि की वसूली की जाती है। अपात्रों को पेंशन दिए जाने की जांच की जाएगी। निदेशक ने कहा कि इसमें जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।

Edited By: Umesh Tiwari