लखनऊ, जेएनएन: आइआइएम रोड से शहीद पथ तक बनने वाले ग्रीन कारिडोर को लेकर कवायद तेज हो गई है। शुक्रवार को नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन के सामने प्राेजेक्ट सलाहकार टाटा कंसल्टेंसी (इंजीनियरिंग) ने प्रजेंटेशन दिया। प्रजेंटेशन में टाटा कंसल्टेंसी (इंजीनियरिंग) ने बताया कि प्रथम चरण आइआइएम रोड से शहीद पथ तक और दूसरा चरण शहीद पथ से किसान पथ तक काम किया जाएगा। पहले चरण के कार्यों के प्रभावी एवं समयबद्ध् क्रियान्वयन के लिए खंडों में डीपीआर प्रस्तुत किया गया। प्रजेंटेशन में तय हुआ कि ग्रीन कारिडोर का काम आइआइएम रोड से पक्का पुल (हार्डिंग ब्रिज) के मध्य में कार्य को कराने के निर्देश दिए गए।

ग्रीन कारिडोर बनने से राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुगम होगी और शहर के मध्य गोमती नदी के दोनों तटों पर वाहनाें को सफर तय करने में शहर की तुलना में समय भी बचेगा। प्रोजेक्ट सलाहकार ने बताया कि नगर विकास मंत्री को प्रजेंंटेशन के जरिए बताया कि शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों के लिंकेज से इस परियोजना के निकटस्थ स्थलों पर विभिन्न प्रकार की परियोजनाओं के विकास में सहायता मिलेगी। नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने अलग-अलग विभागों से बैठक में शामिल हुए अफसरों को निर्देश दिए कि परियोजना से संबंधित समस्त कार्यों को समयबद्ध् रूप् से पूरा कराया जाए, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए और आगामी दीपावली के आसपास परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए।

मंत्री ने कहा कि परियोजना से संबंधित सभी विभाग अपने-अपने विभागीय बजट से इस परियोजना के लिए वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित कराए और विभिन्न विभाग और पर्यावरण, पुरातत्व से समय से एनओसी लेने का काम कर लिया जाए। वहीं समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव नगर विकास डा. रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन दीपक कुमार एवं मंडलायुक्त रंजन कुमार व डीएम एवं लविप्रा उपाध्यक्ष अभिषेक प्रकाश सहित अन्य विभाग के अफसर मौजूद रहे।

पीआइयू के गठन से मिली ग्रीन कारिडोर को रफ्तार: प्रोजेक्ट इम्लीमेशन यूनिट (पीआइयू) के गठन को लेकर भी नोडल एजेंसी लविप्रा ने चयन प्रकिया कर रहा है। इसमें सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता का चयन हो गया है। वही सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर और सेवानिवृत्त वास्तुविद के लिए पहले चरण में चयन नहीं हो सका है। 24 जून को एक बार फिर से साक्षात्कार किए जाएंगे।