लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। उत्तर प्रदेश सरकार सोमवार से रिक्शा, टेंपो व बस चालकों, रेहड़ी-पटरी दुकानदारों तथा फल-सब्जी विक्रेताओं के लिए कोरोना का विशेष टीकाकरण अभियान शुरू करेगी। प्रत्येक जिले के आरटीओ आफिस में प्रतिदिन कम से कम 100 कामर्शियल वाहन चालकों (टैक्सी, ऑटो रिक्शा व साइकिल/ई-रिक्शा चालक) और उनके सहयोगियों के लिए 50-50 क्षमता वाले दो ड्राइवर बूथ स्थापित किए जाएंगे। इनमे से एक बूथ 45 वर्ष से अधिक और दूसरा 18 से 44 वर्ष तक के नागरिकों के लिए होगा। यह वर्क प्लेस बूथ की तरह से क्रियाशील होगा, जिसमें संबंधित कार्यालय से सहयोग लेकर पंजीकृत कमर्शियल चालकों को प्राथमिकता के आधार पर टीके लगाए जाएंगे।

हर जिले के नगर निगम/ नगरपालिका आफिस में प्रतिदिन कम से कम 100 फेरी-पटरी दुकानदारों के लिए 50-50 क्षमता वाले दो बूथ स्थापित किए जाएंगे। इनमें से एक बूथ 45 वर्ष से अधिक और दूसरा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के नागरिकों के लिए होगा। यह दोनों बूथ भी वर्कप्लेस कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर की तरह से काम करेंगे जिनमें कार्यालय से सहयोग लेकर स्वनिधि योजना के तहत पंजीकृत फेरी वालों तथा फुटपाथ दुकानदारों व पंजीकृत रिक्शा चालकों को प्राथमिकता के आधार पर टीके लगाए जाएंगे। ड्राइवर बूथ और स्ट्रीट वेंडर बूथ पर एईएफआइ प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी तथा आकस्मिकता की स्थिति के लिए एंबुलेंस को तैयार रखा जाएगा।

82 दिनों बाद मिले कोरोना के 500 से कम नए केस : कोरोना संक्रमण में लगातार कमी आने के कारण 82 दिनों बाद प्रदेश में कोविड के 500 से भी कम नए मामले सामने आए। बीते 24 घंटे की अवधि में कोरोना संक्रमण के 468 नए मामलों का पता चला। इससे पहले बीती 20 मार्च को 500 से कम नए मामले सामने आए थे। 

पाजिटिविटी रेट 0.2 प्रतिशत और रिकवरी रेट 98.2 फीसद : बीते 24 घंटे के दौरान 1221 मरीज कोरोना को मात देकर स्वास्थ हुए। वहीं 53 मरीजों ने इस जानलेवा वायरस के कारण दम तोड़ा। प्रदेश में अब कोरोना संक्रमण के 8986 सक्रिय केस हैं, जिनमें से 5350 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की प्रतिदिन की पाजिटिविटी दर घटकर अब 0.2 प्रतिशत प्रतिशत हो गई है। रिकवरी रेट बढ़ कर 98.2 प्रतिशत पहुंच गया है।