लखनऊ, जेएनएन। Prisoner Son Murder Case in Lucknow: लोहिया अस्पताल में कैदी के बेटे प्रवीण सिंह (35) की हत्या में आरोपित सिपाही आशीष मिश्रा को विभूतिखंड पुलिस ने जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि प्रवीण, सिपाही पर आपत्तिजनक टिप्पणी करता था। जिसके कारण सिपाही आशीष ने प्रवीण की गोली मार कर हत्या कर दी। बीते 14 मई को सिपाही आशीष मिश्रा का विवाह हुआ था और 25 को उसने सीतापुर पुलिस लाइन में ड्यूटी ज्वाइन कर ली थी। सिपाही कुछ व्यक्तिगत पारिवारिक कारणों से तनाव में था। एडीसीपी पूर्वी सैय्यद मोम्मद कासिब आब्दी ने बताया कि सिपाही को जेल भेजने के बाद अन्य बिंदुओं की जांच की जा रही है। वहीं, सीतापुर पुलिस लाइन से भी सिपाही के व्यवहार से संबंधित रिपोर्ट मांगी गई है। इतनी सी बात पर हत्या करने की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो रही है।

ड्यूटी के दौरान सिपाही ने अपनी व्यक्तिगत बातें भी साझा की थी प्रवीण से

इंस्पेक्टर विभूतिखंड चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि सिपाही ने अपने बयान में उल्टी सीधी बातें भी कर रहा था। वह बहुत ही चिड़चिड़ा है। बात-बात में उलझ जाता था। उसने बयान में बताया कि 25 मई से वह कैदी विनोद सिंह की सुरक्षा में तैनात था। इस दौरान उसके बेटे प्रवीण से उसकी बातचीत ठीक होने लगी थी। कुछ पर्सनल बातें भी दोनों ने एक दूसरे से शेयर की थीं। सिपाही ने उससे बताया था कि 14 मई को उसकी शादी हुई थी और 25 को मजबूरी में ड्यूटी ज्वाइन करना पड़ा। इस बात को लेकर भी वह तनाव में था।

सिपाही के मुताबिक प्रवीण उसको बीते कई दिनों से चिढ़ा रहा था। कई बार सिपाही ने उसे हिदायत भी थी पर कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार शाम भी सिपाही को भी परिसर में उसने चिढ़ाया था और कट्टा दिखा रहा था। जिसके बाद सिपाही ने कट्टा छीनकर प्रवीण को गोली मार दी। गोली सिर में लगने से प्रवीण की मौत हो गई। इसके बाद भागकर वह थाने पहुंचा और अपनी जुर्म स्वीकार कर लिया।

पत्नी चली गई थी मायके

जानकारी के मुताबिक शादी के कुछ दिन बाद ही सिपाही की पत्नी भी मायके चली गई थी। सिपाही का उसकी पत्नी से झगड़ा भी हुआ था। सिपाही ने उसे समझाने की कोशिश भी की थी।

 

Edited By: Anurag Gupta