लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश के बाद उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग लगातार बढ़ाई जा रही है। सरकार की तरफ से रोजाना डेढ़ लाख कोरोना टेस्ट और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर जोर दिया जा रहा है। इसके परिणाम भी दिखने लगे हैं। प्रदेश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के स्वस्थ होने का सिलसिला तेज हो गया है। बीते करीब डेढ़ महीने में रिकवरी रेट में 22 फीसद का सुधार हुआ है। डेढ़ महीने पहले कुल कोरोना संक्रमित मरीजों में से 59 फीसद ठीक हुए थे और अब 81.25 प्रतिशत रोगी ठीक हो चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में डेढ़ महीने पहले सात अगस्त को कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 1.13 लाख थी और इसमें से 66,834 रोगी स्वस्थ हो चुके थे। 1981 लोगों की मौत हुई थी और 44563 एक्टिव केस थे। यानी उस समय रिकवरी रेट 59 फीसद था। अब कोरोना मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 3.64 लाख हो गई है। अब तक 2.96 लाख रोगी स्वस्थ हो चुके हैं। 5,212 लोगों की मौत हुई है और एक्टिव केस 63,148 हैं। अब रिकवरी रेट 81.25 प्रतिशत है। यानी डेढ़ महीने में 22 फीसद रिकवरी रेट बढ़ा है।

लगातार पांचवें दिन नए मरीजों के मुकाबले स्वस्थ हुए ज्यादा : यूपी में मंगलवार को डेढ़ लाख कोरोना टेस्ट में 5,722 नए संक्रमित मिले, वहीं, 6,589 मरीज स्वस्थ भी हुए। इस तरह लगातार पांचवें दिन तक मिले संक्रमित मरीजों के मुकाबले ठीक होने वाले रोगियों की संख्या ज्यादा है। ऐसे में पांच दिनों में 5,087 एक्टिव केस कम हुए हैं। प्रदेश में अब एक्टिव केस 63,148 बचे हैं। प्रदेश में अब तक कुल 3.64 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और इसमें से 2.96 लाख रोगी ठीक हो चुके हैं। अब रिकवरी रेट बढ़कर 81.25 फीसद हो गया है। वहीं मंगलवार को 77 और लोगों की मौत के साथ अब तक 5,212 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है। 

घर में इलाज करवा रहे 83 फीसद मरीज हुए ठीक : यूपी में कोरोना वायरस से संक्रमित वह मरीज जो अपना इलाज हर पर रहकर ही करवा रहे हैं, उनमें से 83 फीसद मरीज अब तक ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में अभी तक कोरोना के कुल 3.64 लाख मरीजों में से 1.89 लाख मरीजों ने होम आइसोलेशन का विकल्प चुना है। यानी इन रोगियों ने घर पर रहकर इलाज करवाना मुफीद समझा। इन मरीजों में से अब तक 1.57 लाख (83 फीसद) रोगी स्वस्थ हो चुके हैं।

21 दिनों में किए गए 10 हजार मरीजों के बड़े आपरेशन : सरकारी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार के साथ-साथ अब नॉन कोविड केयर पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में बीते एक सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक 10,942 मरीजों की मेजर सर्जरी (बड़े आपरेशन) की गई। वहीं बीते साल इसी अवधि में 14,826 मरीजों के बड़े आपरेशन किए गए थे। वहीं 20 सितंबर को एक दिन में सरकारी अस्पतालों में 7,039 गर्भवती महिलाओं का प्रसव करवाया गया। इसमें 6,871 बच्चे नार्मल डिलेवरी से और 168 बच्चे आपरेशन से हुए।

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