लखनऊ, जेएनएन। प्रधानमंत्री होने के नाते नरेंद्र मोदी हर राज्य के पार्टी संगठन से अभिभावक की तरह मुखातिब थे, लेकिन बारी उत्तर प्रदेश की आई तो उनके हाव-भाव भी कुछ बदल गए। उत्तर प्रदेश से सीधे जुड़ाव का संदेश भी उन्होंने दिया। यूपी भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह द्वारा दिए गए सेवा ही संगठन के प्रस्तुतीकरण को देखने के बाद योगी सरकार और संगठन की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुले दिन से तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं काशी से सांसद हूं, इस नाते वहां के लोगों से बात होती रहती थी। मैंने देखा कि उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ी मात्रा में काम हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन में भाजपा कार्यकर्ताओं के श्रम के कार्य को जमकर सराहा।

पीएम मोदी 'सेवा ही संगठन' कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं वार्ता कर रहे थे। नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से देश भर के कार्यकर्ताओं से वार्ता करने के दौरान पीएम मोदी के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा  तथा गृह मंत्री अमित शाह भी थे। सेवा ही संगठन के वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से कोरोना संकट काल में किए गए सेवा कार्यों का प्रस्तुतीकरण करने वाले सात राज्यों में उत्तर प्रदेश का भाजपा संगठन भी शामिल था। शनिवार को प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने प्रस्तुतीकरण के दौरान प्रधानमंत्री को बताया कि बूथ अध्यक्षों, सेक्टर प्रभारियों, मंडल अध्यक्षों, जिला टीम, क्षेत्रीय टीम, प्रदेश के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने अनुकरणीय काम किया है।

इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा जरूरतमंदों को फीड द नीडी अभियान के तहत 4.32 करोड़ लोगों को भोजन पैकेट वितरित किए गए। 40.54 लाख लोगों को राशन किट और 92.44 लाख लोगों को मास्क बांटे गए। साथ ही पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने साढ़े आठ लाख से अधिक मास्क बनाए। दो करोड़ से अधिक लोगों को आरोग्य सेतु एप इंस्टॉल कराया गया। लाखों कार्यकर्ताओं ने करोड़ों रुपये का पीएम केयर्स फंड में सहयोग कराया और स्वयं भी जमा किया ।

प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 92,745 बूथों पर स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा में लगे 2.35 लाख कोरोना योद्धाओं को सम्मानित किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑडियो ब्रिज कॉल के माध्यम से बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं को सेवा कार्य के लिए प्रेरित किया गया, जिसमें 297 वीडियो कॉन्फ्रेंस से 19,869 कार्यकर्ता जुड़े और 377 ऑडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 1,54,683 कार्यकर्ता जोड़े गए। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान, दिल्ली और महाराष्ट्र सरकार की उपेक्षा के कारण झांसी, गौतमबुद्धनगर, मथुरा और आगरा की सीमाओं पर लाखों प्रवासी श्रमिक आए तो वहां के कार्यकर्ताओं ने भोजन की व्यवस्था कराई। इसके अलावा प्रदेश के 185 स्थानों पर राहत सेवा केंद्र शुरू किए गए। 10.33 लाख प्रवासी श्रमिकों को भोजन उपलब्ध कराया गया, जबकि दो लाख मास्क भी प्रवासी श्रमिकों को दिए गए। स्वतंत्र देव ने कहा कि इन सेवा कार्यों पर समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। भाजपा के प्रति जनता में विश्वास बढ़ा है।

प्रदेश अध्यक्ष के प्रस्तुतीकरण पर प्रधानमंत्री ने संतोष और उत्साह की मुहर लगा दी। उन्होंने कहा कि जितनी बड़ी मात्रा में उत्तर प्रदेश में काम हुआ है, उसके लिए उप्र की सरकार और संगठन बधाई के पात्र हैं। खुद को जोड़ते हुए बोले कि मैं काशी से सांसद हूं, इसलिए वहां के लोगों से बात होती रहती थी। खुद भी देखता था कि उत्तर प्रदेश में किस व्यापकता और विविधता के साथ सेवा कार्य हो रहा है। यहीं से अपनी बात शुरू कर उन्होंने सभी राज्यों के कार्यों की सराहना करते हुए कि यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा सेवा यज्ञ है।

इस दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा, प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल, प्रदेश उपाध्यक्ष जेपीएस राठौर, प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक, गोविंद नारायण शुक्ल, विद्यासागर सोनकर, सलिल विश्नोई, प्रदेश मंत्री अनूप गुप्ता, त्रयम्बक त्रिपाठी, संतोष सिंह, वाइपी सिंह, अमर पाल मौर्य, देवेंद्र चौधरी, प्रदेश प्रवक्ता संजय राय, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनीष दीक्षित, सहमीडिया प्रभारी हिमांशु दुबे आदि उपस्थित रहे।  

भाजपा कार्यकर्ताओं ने मदद करने में कोई कमी नहीं रखी : प्रधानमंत्री ने कहा भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मुश्किल वक्त में लोगों की मदद करने में कोई कमी नहीं रखी। इससे मुझे पार्टी कार्यकर्ताओं पर पूरा भरोसा है कि वह आने वाले दिनों में भी ऐसे ही जी जान से लगे रहकर लोगों की मदद का काम करते रहेंगे। इस मुश्किल वक्त में पार्टी कार्यकर्ता सराहनीय पहल करते हुए जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए देश की सेवा सर्वोपरि है। जनसंघ और भाजपा के जन्म का मूलतः उद्देश्य ही यही था कि हमारा देश सुखी कैसे बने। समृद्ध कैसे बने इसी मूल प्रेरणा के साथ, भारतीयता की प्रेरणा के साथ, सेवा की भावना के साथ हम राजनीति में आये।

सेवा ही संगठन कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि प्रवासी श्रमिक अपना स्थान छोड़कर ना जाएं हम लोगों ने इसकी चिंता की और उन सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की। कोरोना लॉकडाउन के दौरान जो प्रवासी श्रमिक अपने स्थान से निकल पड़े उनके लिए हर तरीके की सुविधा देने का काम भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया। कोरोना संकट काल में अब तक 3.9 लाख कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेवा की है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने यह सुनिश्चित किया है कि बीमार और बुजुर्ग लोगों को स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से दवाएं उन तक पहुंचे।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भाजपा कार्यकर्ताओं के सेवा कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि लॉकडाउन के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने 22 करोड़ फूड पैकेट लोगों तक पहुंचाए। यही नहीं कार्यकर्ताओं ने पांच करोड़ राशन किट भी जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का काम किया। यह राशन किट मोदी किट के नाम से चॢचत हुआ। इस पहल के तहत लोगों को 15 दिन का राशन, 20 दिन का राशन और 30 दिन का राशन पहुंचाया गया। भाजपा अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के महिला मंडल की कार्यकर्ताओं की मदद से लोगों तक पांच करोड़ फेस कवर भी पहुंचाने का काम किया गया। लॉकडाउन के दौरान 4000 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की गईं। इन कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से ढाई लाख कार्यकर्ताओं तक पहुंचने का काम किया गया। वहीं हम 700 ऑडियो ब्रिज के माध्यम से 70 लाख कार्यकर्ताओं से जुड़े। दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रेल मंत्री पीयूष गोयल भी 'सेवा ही संगठन' कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए भाजपा मुख्यालय पहुंचे थे।

वाराणसी में धम्म चक्क प्रवर्तन सूत्र पाठ

इससे पहले वाराणसी में आषाढ़ पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर संस्कृति मंत्रालय के तहत अंतरराष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ की ओर से आयोजित सारनाथ के मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में सुबह धम्म चक्क प्रवर्तन सूत्र पाठ का आयोजन किया गया। इसका सीधा प्रसारण मूलगंध कुटी बौद्ध विहार मंदिर से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आषाढ़ पूॢणमा को गुरु पूर्णिमा के नाम से जानते हैं। इस दिन भगवान बुद्ध ने सारनाथ के हिरन पार्क के समीप अपना पहला उपदेश दिया था। उन्होंने कहा कि भगवान का उपदेश मानवीय मूल्यों व वैज्ञानिकता पर आधारित है। भगवान बुद्ध के अहिंसात्मक उपदेश को अपनाने से ही देश व समाज का विकास संभव है। तथागत ने लगभग ढाई हजार साल पूर्व ही पुरुष, महिला व गरीबों के सम्मान की भी बातें कहीं हैं। भगवान बुद्ध का उपदेश आशा व उद्देश्य पर आधारित है। यह लोगों के आत्मबल को मजबूत करता है। भगवान बुद्ध का आष्टांगिक मार्ग दयालुता व प्रतियोगिता को भी दर्शाता है। मुझे 21वीं सदी में युवा दोस्तों से काफी आशा है। आज के युवा हर तरह की समस्या का समाधान करने में सक्षम हैं। 

Posted By: Dharmendra Pandey

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