लखनऊ, ( कुसुम भारती)। जिंदगी में हर पल बहुत कुछ घटता है। जिसमें खुशी और गम के पलों के साथ ही कुछ अकल्पनीय घटनाएं भी घट जाती हैं। तो, कभी घर या बाहर के तनाव भी परेशान कर देते हैं। ऐसे में, अपनों की एक प्यार भरी जादू की झप्पी किसी दवा से कम नहीं होती। जो न केवल अपनेपन का अहसास दिलाती है, बल्कि यह भी जाहिर करती है कि सामने वाला आपके लिए कितना खास है।

मां की झप्पी देती है प्रोत्साहन

12वीं में पढ़ रहे आदर्श यादव कहते हैं, मेरी वेलेंटाइन मेरी मां हैं। वह मेरे लिए सबसे खास हैं। वह हमेशा मुझे प्यार भरी जादू की झप्पी देकर मेरी परेशानियों और मुश्किलों को आसान करती हैं, खासकर परीक्षा के दिनों में। एक बार जब मेरा पेपर खराब हुआ तो, वह पास आकर गले लगाते हुए बोलीं, 'कोई बात नहीं अगली बार खूब मेहनत करना, अच्छे नंबर आएंगे। उनकी जादू की झप्पी मुझे जीवन में आगे बढऩे के लिए प्रेरणा व प्रोत्साहन देती है। 

जब गले लगाकर वो बोले, इट्स ओके

नवयुग कन्या पीजी कॉलेज में इतिहास की विभागाध्यक्ष, डॉ. शोभा मिश्रा कहती हैं, ऐसी कई घटनाएं हैं, जब पति ने मुझे संबल दिया। 2005 में मैं कार चलाना सीख रही थी। एक दिन सवेरे जब मैं गाड़ी निकाल रही थी, कि तेज आवाज के साथ गाड़ी गेट से लड़ गई और उसका बंपर टूट गया। पति भागते हुए आए और पहले तो नाराज हुए। मैं भी अपराधबोध से दबी हुई थी। मगर, जब उन्होंने गले लगाते हुए बोले, 'इट्स ओके, तुम सेफ हो, यही मेरे लिए काफी है, गाड़ी तुमसे ज्यादा कीमती नहीं है, उनकी इस बात ने मुझे इतनी खुशी दी कि वह हादसा आज भी मेरे जहन में प्यार भरी याद के साथ बसा है।

याद है बेटी का प्यार भरा आलिंगन

सेंट्रल बैंक सोसाइटी में क्लर्क, निशा निगम कहती हैं, जिंदगी में अच्छे-बुरे पल तो हमेशा आते ही रहते हैं। एक बार मैं ऑफिस की किसी बात से बहुत परेशान थी। जिसके चलते बेटी को भी डांट दिया और सिर पकड़कर बैठ गई। इतने में बेटी उठी, एक गिलास में पानी भरकर गिराते-छलकाते मेरे पास आई और गले लगकर बोली, 'मम्मी कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती, यह बात मैंने ही एक बार उससे कही थी। इतना सुनकर मेरी आंखें छलक पड़ीं। उस दिन उसके प्यार भरे आलिंगन ने मेरे लिए दवा का काम किया।

मूड फ्रेश करती है दोस्तों की झप्पी

स्टूडेंट, आकृति द्विवेदी कहती है, हग डे को लोग हमेशा अपने लवर के साथ मनाने में विश्वास रखते हैं। पर, मेरे लिए मेरी वेलेंटाइन मेरी फ्रेंड शिवानी दुबे व आकांक्षा पांडेय हैं। हम जब भी किसी असमंजस में या किसी भी परेशानी में होते हैं, तो बस एक-दूसरे को गले लगाकर, कहते हैं, 'जस्ट चिल यार, उस वक्त मानो हमें एक नई ताकत व संयम मिल जाता है। हग डे पर हम एक-दूसरे से गले मिलकर यह एक बेहतर इंसान बनने का वादा करते हैं।

Posted By: Anurag Gupta