जेएनएन, लखनऊ। सपा से अलग होकर प्रगतिशील समाज पार्टी (लोहिया) बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव रविवार को होने जा रही अपनी पहली रैली में न सिर्फ सरकार बल्कि भतीजे अखिलेश यादव को भी ताकत का अहसास कराएंगे। उनके समर्थकों ने रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। उनका दावा है कि जनाक्रोश रैली में भारी भीड़ जुटेगी और दूसरे दलों के कई प्रमुख नेता पार्टी की सदस्यता भी ग्रहण करेंगे। 

रैली के मद्देनजर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर दिन भर वरिष्ठ पदाधिकारियों का जमावड़ा रहा। शिवपाल ने खुद सारी तैयारियों की जानकारी ली।

आजजन के आक्रोश का स्वर जनाक्रोश रैली 

पत्रकारों से बातचीत में शिवपाल ने कहा कि जनाक्रोश रैली किसी व्यक्ति विशेष की नहीं है। यह जनसाधारण के आक्रोश को स्वर देगी। गरीब, किसान, मजदूर के आक्रोश को स्वर देने के लिए इसका आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि हम सामाजिक विकास में पिछड़ गए तमाम जातीय समूहों और वर्गो को अपने साथ जोडऩा चाहते हैं। पार्टी सामाजिक न्याय की लड़ाई को नए संदर्र्भों से जोड़ते हुए लड़ेगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सीपी राय ने दावा किया कि रैली अभूतपूर्व होगी। प्रदेश के सभी जिलों से लोग इसमें शामिल होंगे। शिवपाल की रैली को सेक्युलर मोर्चा के बैनर से जुड़े 40 से अधिक छोटे दलों का भी समर्थन है। बहुजन मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष वामन मेश्राम और और राष्ट्रीय क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी अध्यक्ष गोपाल राय समेत कई दल रैली को सफल बनाने की कोशिशों में जुटे हैं। दूसरी और सपा नेताओं की निगाह भी रैली पर है कि पार्टी का और कौन नेता शिवपाल के मंच पर नजर आ सकता है।

होर्डिंग्स से मुलायम गायब

शिवपाल सिंह यादव यह जरूर कहते हैैं कि बड़े भाई मुलायम सिंह यादव के आशीर्वाद से ही उन्होंने पार्टी बनाई है लेकिन, राजधानी में लगी रैली की अधिकांश होर्डिंग्स से मुलायम सिंह यादव की तस्वीर गायब है। इससे पहले रैली में उनके शामिल होने के एक सवाल पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा था कि नेताजी आजाद हैं। वह जो चाहें करें। मैं उनको समर्थन करता रहूंगा।

Posted By: Nawal Mishra