लखनऊ। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज योगीराज कृष्ण की धरती वृंदावन से दुनिया को संदेश दिया कि भारत अपने पड़ोसियों से अच्छे संबंध का पक्षधर है। भारत की तरफ से पहले गोली नहीं चलेगी लेकिन जब चलेंगी तो पड़ोसियों से गिनी नहीं जाएंगी। नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद भारत आर्थिक महाशक्ति बन गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री बनने के बाद पहली बार यहां आए राजनाथ सिंह श्रीकृष्ण कृपा धाम में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मोदी सरकार के कामकाज की भरपूर सराहना की। कहा कि केंद्र में मोदी सरकार बनने के बाद दुनिया के कोने-कोने में भारत की साख बढ़ी है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने प्रधानमंत्रित्व काल में भारत की शोहरत को चार चांद लगाए थे, अब मोदी जी के नेतृत्व में दुनिया के बड़े शक्तिशाली देशों के बीच भारत की शोहरत बढ़ रही है।

केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई जन-धन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, कौशल विकास मिशन, मुद्रा बैंक आदि योजनाओं को सिलसिलेवार गिनाते हुए राजनाथ ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों का आर्थिक स्तर ऊपर उठाने और हर हाथ को काम देने के प्रति संकल्पित है। मुद्रा बैंक में सरकार ने एक लाख २५ हजार करोड़ की राशि डाली है, ताकि गरीबों को ऋण देने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आए।गृहमंत्री ने कहा कि भाजपा विनाश की नहीं, विकास की राजनीति करती है। अब दुनिया में सिर्फ तीन ही आर्थिक महाशक्तियां अमेरिका, चीन और भारत हैं। देश का हर गांव सड़क से जोड़ा जा रहा है और बिजली पहुंचाई जा रही है।

केंद्र सरकार के प्रयास और सुरक्षा बलों की मुस्तैदी के कारण बांग्लादेश को होने वाली गांजा और अफीम की तस्करी थमी है। माओवादी गतिविधियों पर अंकुश लगा है। गायों की तस्करी रुकने से बांग्लादेश में गोमांस की कीमत में ४० फीसद की बढ़ोतरी हुई है।

वामी हरिदास संगीत महोत्सव का उद्घाटन

राजनाथ ने कहा कि भारत सुपर पावर नहीं विश्व गुरु बनना चाहता है। वह दिन दूर नहीं, जब ये हकीकत सभी के सामने होगी।यहां संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास नृत्य एवं संगीत महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर राजनाथ ने कहा कि सुपर पावर होने से नुकसान ये है कि उसके साथ पड़ोसी भी खड़े नहीं होना चाहते, क्योंकि उनको डर लगता है, जबकि विश्व गुरु के पास सब खड़ा होना चाहते हैं, क्योंकि उनको ज्ञान मिलता है। संगीत की व्याख्या करते हुए कहा कि इसी का प्रभाव था कि श्री बांके बिहारी जी महाराज को यहां प्रकट होना पड़ा। इससे बड़ी बात संगीत के लिए क्या हो सकती है। संगीत मनुष्य के बीच दूरियां कम करता है। मन के भावों से संगीत प्रस्फुटित होता है। संगीत शब्दों का मोहताज नहीं होता। इसके लिए सुर-लय और ताल चाहिए। उन्होंने संगीत की पुरानी विधाओं के धीरे-धीरे समाप्त होने पर दुख जताया। इससे पहले राजनाथ ने स्वामी हरिदासजी एवं ठा. बांकेबिहारीजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

Edited By: Nawal Mishra