लखनऊ। शिया वक्फ बोर्ड को लेकर प्रदेश सरकार पर दबाव बनाने के लिए शिया उलमा के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर अपनी मांगें रखी। कालीदास मार्ग स्थित राजनाथ सिंह के आवास पर हुई इस मुलाकात में शिया उलमा ने शिया वक्फ बोर्ड में कीमती संपत्तियों को बेचने के मामले में हस्तक्षेप कर सीबीआइ जांच कराने पर जोर दिया।

इस प्रतिनिधिमंडल में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद शामिल नहीं हुए। हालांकि जवाद ने राजनाथ सिंह से फोन पर बात की, जिसमें उन्होंने सपा सरकार पर दबाव बनाने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे मौलाना हबीब हैदर ने बताया कि राजनाथ सिंह से दो मांगें रखी गईं। पहली बोर्ड चेयरमैन वसीम रिजवी को हटाने और वक्फ संपत्तियों को बेचने के मामले की सीबीआइ जांच की थी और दूसरी हुसैनाबाद ट्रस्ट की संपत्ति बड़े-छोटे इमामबाड़े की मिलने वाली रकम कहां लग रही है, इसकी जांच कराने की मांग की गई है। मौलाना हबीब हैदर ने पिछले दिनों सरकार द्वारा ट्रस्ट की नई कमेटी बनाने के लिए शासनादेश के बाद भी कोई कार्रवाई न होने पर सवाल खड़े किए। मौलाना ने बताया कि राजनाथ सिंह ने उलमा की समस्याओं को सुनने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से फोन पर बात कर समस्या का जल्द हल निकालने के लिए कहा है। हालांकि, सीबीआइ जांच के मामले में गृहमंत्री ने फैसला प्रदेश सरकार पर छोड़ दिया। प्रतिनिधिमंडल में मौलाना रजा हुसैन, मौलाना अमीर हैदर, मौलाना फिरोज हुसैन, मौलाना तसनीम मेंहदी व मौलाना इफ्तेखार हुसैन शामिल रहे।

Edited By: Ashish Mishra