लखनऊ, [राजीव बाजपेयी, लखनऊ]। नेपाल बार्डर और पश्चिमी यूपी की तरह ही लखनऊ में भी बिना पंजीकरण के अवैध मदरसे संचालित हैं। प्रशासन ने कुल 111 ऐसे मदरसों की रिपोर्ट सरकार को भेजी है जिनका कहीं भी पंजीकरण नहीं है। बिना किसी सरकारी मदद के चल रहे इन मदरसों को लेकर खुफिया तंत्र भी फिक्रमंद है। सरकार ने प्रदेश में संचालित मदरसों का सर्वे करने का आदेश जारी किया था। इसके बाद राजधानी में मदरसों को चिन्हत करने के लिए प्रशासन की टीमें लगाई गई थीं।

प्रशासन ने कुल 12 बिंदुओं पर सर्वे किया। सर्वे के बाद रिपोर्ट सरकार को भेजी गई है उसमें कुल 242 मदरसों का जिक्र है। इनमें से 131 मदरसे ऐसे पाए गए जो मान्यता प्राप्त हैं। यानी यह ऐसे मदरसे हैं जो सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का लाभ ले रहे हैं। इसके अलावा 111 मदरसे बिना पंजीकरण के चलते मिले इन मदरसों को लेकर ही सरकार चिंतित है। सर्वे में पता चला कि बिना पंजीकरण चल रहे मदरसे किसी तरह की सरकारी मदद से नहीं लेते हैं।जकात से मिली रकम से इन अवैध मदरसों का संचालन हो रहा है।

जकात से कितनी रकम मिल रही है और कहां किन मदों में खर्च की किया जा रहा है इसकी भी कोई जानकारी इन मदरसा संचालकों के रिकार्ड में नहीं मिली। सर्वे में मदरसा संचालकों ने जकात के बारे में जानकारी देने से इनकार कर दिया। सरकार की नजर ऐसे ही मदरसों पर है। दरअसल नेपाल बार्डर के आसपास और पश्िचमी यूपी में कई मदरसों में जकात से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों में किया गया। खुफिया एजेंसियों को प्रतिबंधित पापुलर फ्रंट आफ इंिडया से कई मदरसों के संपर्क होने के भी सुबूत मिले हैं।

सरकार के निर्देश पर मदरसों का सर्वे कराया गया था। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट भेज दी गई है। अब आगे सरकार के जो भी निर्देश होंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -सूर्यपाल गंगवार, डीएम लखनऊ

कुल 12 बिंदुओं पर सर्वे किया गया है। बिना पंजीकरण जो मदरसे मिले हैं उन पर सरकार के आदेश पर ही कार्रवाई होगी। -सोम कुमार, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी

एक नजर कुल मदरसों की संख्या - 242गैर मान्यता प्राप्त - 111शिक्षकों की संख्या -1952छात्रों की संख्या - 39298

Edited By: Vikas Mishra

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