लोगो : जागरण एक्सक्लूसिव

:::

- विमानन विभाग ने 'उड़ान' प्रोजेक्ट के तहत जिला प्रशासन से माँगा प्रस्ताव

- पर्यटन मानचित्र पर जनपद को पहचान दिलाने हेतु केन्द्र सरकार की अच्छी पहल

- सिंचाई व अन्य सम्बन्धित विभाग के अधिकारियों से माँगी गयी तकनीकी मापदण्डों पर जानकारी

डॉ. संजीव बजाज (ललितपुर) : ़िजले के पर्यटन नक्शे पर एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ने वाली है। बेतवा नदी पर स्थित किसी एक डैम में 'सी-प्लेन' की लैण्डिंग और टेक-ऑफ की तैयारी है। सब-कुछ ठीक रहा तो यह ऩजारा जल्द ही आपको देखने को मिलेगा। सम्भावना तलाशते हुए ़िजला प्रशासन द्वारा इसकी तैयारियाँ भी शुरू कर दी गयी हैं। सिंचाई अधिकारियों को पत्र लिखकर सी-प्लेन उतारने के लिए जरूरी तकनीकी मापदण्डों से जुड़ी रिपोर्ट माँगी है। रिपोर्ट के मुताबिक जो भी बाँध इसके लिए अनुकूल होगा, वहाँ इस कार्ययोजना को लागू करते हुए काम शुरू किया जाएगा। फिलहाल इस श्रेणी में जनपद का यदि कोई बाँध यदि शामिल हो सकता है, तो वह बेतवा नदी पर स्थित राजघाट बाँध है, जो सी-प्लेन के मापदण्डों पर खरा उतर सकता है।

हवाई जहाज में यात्रा करना हर व्यक्ति का सपना है लेकिन माली हालत अनुकूल न होने के चलते लोग अपने इसे सपना ही समझकर रह जाते हैं। सरकार ने ऐसे मध्यमवर्गीय लोगों के इस सपने को साकार करने आगे आई है। इसके लिए शुरू हुए 'उड़ान प्रोजेक्ट' (उड़े देश का आम नागरिक) के तहत जलाशयों में सी-प्लेन उतारने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव ललितपुर के लिए भी प्रस्तुत किया गया है। विमानन विभाग द्वारा ललितपुर प्रशासन से सम्भावनाएं तलाशते हुए प्रस्ताव माँगा है। इसके क्रम में ़िजलाधिकारी अन्नावि दिनेश कुमार ने सिंचाई के साथ ही अन्य सम्बन्धित विभाग से जुड़े अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक तकनीकी मापदण्डों से जुड़ी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारी अपने-अपने बाँध की रिपोर्ट तय मानक के अनुरूप देखते हुए रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। यदि रिपोर्ट अनुकूल रही, तो वह दिन दूर नहीं, जब जनपद ललितपुर में यह सी-प्लेन उड़ते दिखाई देंगे।

3000 मीटर लम्बाई वाले जलाशय की है आवश्यकता

ललितपुर : सी-प्लेन के लिए किसी बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता नहीं होती है। सी-प्लेन को लैण्ड और टेक-ऑफ कराने के लिए लगभग 3 ह़जार मीटर लम्बे और 200 मीटर चौड़े जलाशय की ़जरूरत होती है। इसके चलते ़िजला प्रशासन ने जनपद के सिंचाई अधिकारियों को पत्र लिखकर जरूरी तकनीकी मापदण्डों पर जानकारी माँगी है। जानकारी मुताबिक इस मानक में जनपद का यदि कोई फिट बैठता है, तो वह राजघाट बाँध होगा। अन्यथा जनपद में किसी अन्य बाँध में यह मानक नहीं है।

सी-प्लेन की यह है खासियत

- यह एक हवाई विमान होता है।

- सी-प्लेन में 10 से 12 लोग एकसाथ बैठ सकते हैं।

- यह विमान एक बार में लगातार 5 से 8 घण्टे तक उड़ान भर सकता है।

- विमान की अधिकतम गति 339 किलोमीटर प्रति घण्टा, अधिकतम रेंज 2,096 किलोमीटर तथा 12,000 फीट की ऊँचाई पर उड़ान भरने की क्षमता है।

बीच में बॉक्स

:::

विकास को लगेंगे पंख, मिलेगा पर्यटन विकास को बढ़ावा

ललितपुर : यदि सी-प्लेन उड़े, तो निश्चित तौर पर जनपद के विकास को पंख लगेंगे, साथ ही पर्यटन विकास को बढ़ावा मिलेगा। यही नहीं, यहाँ के ऐतिहासिक मन्दिर व पुरातत्व स्थल के साथ बाँधों को एक बड़े मंच पर पहचान भी मिलेगी। इसके साथ ही योजना से लोगों को रो़जगार मिलने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

फोटो हाफ कॉलम

:::

इनका कहना

'शासन से सी-प्लेन उड़ाने के लिए प्रस्ताव माँगा गया है। इसे उतारने के लिए जरूरी तकनीकी मापदण्डों से जुड़ी रिपोर्ट सिंचाई अधिकारियों से माँगी गयी है। रिपोर्ट आते ही इसे शासन को प्रस्तुत किया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद इस दिशा में कार्यवाही शुरू की जाएगी। इसके बनने से न केवल लोगों को हवाई उड़ान का मौका मिलेगा, बल्कि जनपद में पर्यटन विकास को भी बढ़ावा प्राप्त होगा।'

- अन्नावि दिनेश कुमार

़िजलाधिकारी, ललितपुर

Edited By: Jagran