ललितपुर ब्यूरो :

जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने सोमवार को पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षय नियन्त्रण कार्यक्रम के अंतर्गत सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान (एक्टिव टीबी केस फाइण्डिग प्रोग्राम) का आगाज किया। इस दौरान उन्होंने अभियान से जुड़ी टीमों को रवाना करते हुये कहा कि घर-घर जाकर टीबी के मरीजों की खोज की जाये। इस अभियान में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाये। पूरी गम्भीरता व कर्मठता के साथ दिये गये कार्य को करे।

उन्होंने कहा कि क्षय रोगी खोजने का अभियान जनपद में 22 जून तक चलाया जायेगा। इसके अन्तर्गत टीमें घर-घर जाकर टीबी के सम्भावित लक्षणों वाले रोगियों की खोज करेगी। उन्होंने टीबी के लक्ष्ण की जानकारी देते हुये कहा कि 15 दिन से लगातार खासी का आना, 15 दिन से अधिक बुखार का आना, पिछले 6 महीने में कभी भी बलगम में खून का आना, पिछले 1 महीने में कभी भी सीने में दर्द की शिकायत का होना, वजन का कम होना, पुराने टीबी के मरीज जिनको उपरोक्त में से कोई भी एक लक्षण हो तो ऐसे मरीजों के बलगम के दो नमूने लेकर नजदीक के बलगम जाँच केन्द्र पर जाँच करायें।

जिला क्षय रोग नियन्त्रण अधिकारी डॉ. जेएस बख्शी ने कहा कि टीबी की पुष्टि होने पर रोगी को घर पर ही दवा उपलब्ध कराई जायेगी। इस अभियान के लिये जनपद की लक्षित आबादी 137558 है जिसे सभी विकासखण्डों ं एवं शहरी क्षेत्रों की 10 प्रतिशत आबादी शामिल की गयी है, जिसके लिये जनपद में 58 टीमें प्रतिदिन के हिसाब से 10 कार्य दिवसों में कार्य करके टीबी के सम्भावित मरीजों की खोज करेंगे। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लक्षित आबादी में टीबी के मरीजों की तुरंत जाँच एवं पहचान कर इनका 48 घण्टे के अन्दर उपचार शुरू करवाना है। इसके लिये 13 सुपरवाइजर एवं सभी विकासखण्डों के चिकित्सा अधीक्षक/चिकित्सा अधिकारी को जिम्मेदार बनाया गया है। उन्होंने कहा कि टीबी विभाग ने 13 कर्मचारियों को टैबलेट वितरित किए हैं। सभी के इलाज की स्थिति को निक्षय पोर्टल पर अपडेट किया जाना है। रोगियों की दवाओं के वितरण में शामिल परीक्षण (ड्रग सेंसिटिविटि टेस्ट) और ट्रान्जिट रिकॉर्ड की रिपोर्टिग ऑन लाइन रखी जाएगी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी योगेन्द्र बहादुर सिंह भी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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