दशहरा खत्म होते ही रोजी-रोटी की तलाश में भारत लौटने लगे नेपाली कामगार, गौरीफंटा सीमा पर लंबी कतार
दशहरे के बाद नेपाल में रोजगार की कमी के चलते नेपाली कामगार भारत लौटने लगे हैं। गौरीफंटा सीमा पर एसएसबी ...और पढ़ें

दशहरा खत्म होते ही रोजी-रोटी की तलाश में भारत लौटने लगे नेपाली कामगार।
HighLights
दशहरे के बाद नेपाली कामगार भारत लौट रहे हैं।
नेपाल में रोजगार की कमी मुख्य कारण है।
गौरीफंटा सीमा पर लंबी कतारें, एसएसबी जांच।
जागरण संवाददाता, लखीमपुर। नेपाल में अभी दशहरा (दशंई) के त्यौहार का समापन भी ठीक से नहीं हो पाया, कि रोजी रोटी की तलाश में सुदूर पश्चिम प्रदेश के नेपाली कामगार भारत लौटने लगे है।
गौरीफंटा बार्डर पर एसएसबी की आऊट चेक पोस्ट पर होने वाली चेकिंग प्रक्रिया के लिए उन्हें घंटों लाइन में खडे़ रहना पड़ता हैं।
नेपाल में रोजगार के पर्याप्त साधन न होने के कारण भारतीय श्रम बाजार पर निर्भर रहने वाले नेपाली नागरिक दशहरा मनाने के लिए नेपाल आते है। दशहरा समाप्त होते ही भारत के गुजरात, मुम्बई, पूना, केरला, पंजाब, दिल्ली, मथुरा, लखनऊ, कानपुर आदि जगहों पर काम करने वाले अब वापस जाने लगे है।
कैलाली के त्रिनगर बार्डर से सुदूर पश्चिम प्रदेश के नौ जिलों के साथ ही लुमि्बनी व कर्णाली प्रदेश के नागरिक भी रोजगार के लिए भारत जाते हैं। उपलब्ध तथ्यांक के अनुसार बार्डर से एक हजार से अधिक नेपाली कामगार रोज अपने परिवार के साथ भारत लौट रहें हैं।
एस एस बी बार्डर आऊट चेक पोस्ट गौरीफंटा के एक सुरक्षा कर्मी ने बताया कि चेक पोस्ट पर नेपाल से भारत आने व जाने वाले लोगों के पहचान पत्र स्कैनर मशीन से सामान की चेकिंग के साथ ही अब कैमरे से फोटों स्कैन किया जा रहा है। इस लिए थोडा़ समय लगता हैं।
सुबह जाने वालों की संख्या कम होती हैं। दोपहर बाद बाहर जाने वालों की भीड बढ़ जाती है इस लिए लंबी कतार देखने में आती हैं। किसी को नजायज परेशान नही किया जाता हैं। अनिवार्य रुप से नागरिकता प्रमाण पत्र, पहचान पत्र देखा जाता हैं।
