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लखीमपुर में बकरी के शिकार के लालच में पिंजरे में फंसा तेंदुआ, कई दिनों से नौबना गांव में थी दहशत

By Gyanesh UpadhyayEdited By: Sakshi Gupta
Published: Fri, 09 Oct 2026 11:54 AM (GMT+05:30)

खीरी के नौबना गांव में तेंदुए की चहलकदमी से परेशान ग्रामीणों को आखिरकार राहत मिली, जब वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में एक तेंदुआ फंस गया।

पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।

पिंजरे में कैद हुआ तेंदुआ।

HighLights

  1. नौबना गांव में तेंदुए की चहलकदमी से ग्रामीण थे परेशान।

  2. वन विभाग ने पिंजरा लगाकर तेंदुए को सफलतापूर्वक पकड़ा।

  3. तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कर प्राकृतिक वास में छोड़ा जाएगा।

जागरण संवाददाता, लखीमपुर। उत्तर निघासन वन रेंज के नौबना गांव में तेंदुए की चहलकदमी से परेशान ग्रामीणों को आखिरकार राहत मिल गई।

वन विभाग की ओर से गन्ने के खेत में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया। बकरी का शिकार करने के लिए पिंजरे में घुसे तेंदुए के कैद होने की जानकारी मिलते ही गांव में उसे देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तेंदुए को अपने कब्जे में ले लिया।

नौबना गांव और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से तेंदुए की मौजूदगी देखी जा रही थी। गन्ने के खेतों में तेंदुए की आवाजाही के चलते किसानों को खेतों में काम करने के दौरान हमले का डर सता रहा था।

ग्रामीणों की शिकायत और सुरक्षा की चिंता को देखते हुए वन विभाग ने गांव के पास गन्ने के खेत में पिंजरा लगाया था। तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे में बकरी बांधी गई थी। रात में बकरी का शिकार करने पहुंचे तेंदुए के पिंजरे में प्रवेश करते ही दरवाजा बंद हो गया और वह अंदर कैद हो गया।

सुबह तेंदुए के पकड़े जाने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने पहुंचकर पिंजरे को कब्जे में लिया और तेंदुए को रेंज कार्यालय ले आई। रेंजर भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा है। चिकित्सकीय जांच में स्वस्थ पाए जाने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे सुरक्षित प्राकृतिक वास में छोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की चुनौती

उत्तर निघासन वन रेंज में तेंदुओं की लगातार मौजूदगी वन विभाग के लिए चुनौती बनी हुई है। क्षेत्र में मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की आशंका को देखते हुए वन विभाग निगरानी और रेस्क्यू की कार्रवाई कर रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस रेंज में अब तक डेढ़ दर्जन से अधिक तेंदुओं को पकड़कर सुरक्षित किया जा चुका है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे खेतों में जाते समय सावधानी बरतें। गन्ने के खेतों में प्रवेश करने से पहले आसपास की स्थिति पर ध्यान दें और तेंदुआ या अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर उसके नजदीक जाने अथवा उसे घेरने का प्रयास न करें। वन्यजीव की मौजूदगी की सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

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