लखीमपुर खीरी में किसानों और अधिकारियों के बीच बात, गन्ने के दाम बढ़ाने के लिए दिया 7 दिन का समय
लखीमपुर खीरी की अजबापुर चीनी मिल पर गन्ना मूल्य वृद्धि की मांग को लेकर किसानों का दो दिवसीय धरना समाप्त ...और पढ़ें
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दूसरे दिन मिल कैंपस में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच वार्ता हुई
HighLights
अजबापुर चीनी मिल पर किसानों का धरना समाप्त।
गन्ना मूल्य वृद्धि पर सात दिन में फैसला।
किसानों ने ₹100 प्रति क्विंटल बोनस मांगा।
संवादसूत्र, लखीमपुर। गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर अजबापुर चीनी मिल के गेट पर किसान संगठनों का अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन समाप्त हो गया। अधिकारियों ने किसानों की मांग पर शासन स्तर पर सात दिन के भीतर फैसला कराने की कोशिश का भरोसा दिया। दूसरे दिन मिल कैंपस में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच वार्ता हुई।
इसमें गन्ना विकास समिति के सचिव गजेंद्र कटियार, मोहम्मदी के एसडीएम राजेश प्रताप सिंह, सीओ अरुण कुमार सिंह और अजबापुर मिल के केन हेड डा. प्रमोद कुमार शामिल हुए। ‘जागो किसान जागो’, भारतीय किसान यूनियन राष्ट्र शक्ति व स्वराज और राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन समेत अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। किसानों ने मांग की कि शासन की ओर से गन्ने का नया मूल्य तय होने तक पुराने मूल्य पर 100 रुपए प्रति क्विंटल बोनस या अग्रिम राशि दी जाए।
अधिकारियों ने कहा कि मांग को लेकर गन्ना आयुक्त को पत्र लिखा जाएगा और पैरवी की जाएगी। इसके बाद किसान संगठनों ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। धरने के दौरान मंगलवार को मिल में पेराई सत्र शुरू हुआ, लेकिन गन्ना कम पहुंचने से पहले दिन पेराई प्रभावित रही।
इससे पहले दो नवंबर को किसानों ने गन्ने का मूल्य 600 रुपए प्रति क्विंटल करने और बोनस देने की मांग पर धरना शुरू किया था। उस दिन मोहम्मदी के एसडीएम रात 8 बजे पहुंचे थे, लेकिन वार्ता सफल नहीं हुई थी। दूसरे दिन की बातचीत के बाद मिल का संचालन फिर शुरू होने की उम्मीद है।