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यूपी में आलू के बीज खरीदने पर मिलेगा 1000 रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान, लाभ पाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट

Published: Mon, 26 Oct 2026 03:56 PM (IST)

लखीमपुर में उद्यान विभाग किसानों को आलू के बीज पर 1000 रुपये प्रति क्विंटल का अनुदान दे रहा है, जिससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन बढ़ेगा।

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HighLights

  1. आलू बीज पर 1000 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान।

  2. उद्यान विभाग द्वारा विभिन्न किस्मों का बीज उपलब्ध।

  3. आधार, पासबुक, खतौनी से मिलेगा योजना का लाभ।

राकेश मिश्र, लखीमपुर। आलू की खेती की तैयारी कर रहे किसानों के लिए उद्यान विभाग की योजना लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने का अवसर लेकर आई है। विभाग में आलू की विभिन्न किस्मों का आधारित बीज उपलब्ध है।

किसान निर्धारित दरों पर बीज खरीदकर प्रति क्विंटल एक हजार रुपये का अनुदान प्राप्त कर सकते हैं। यह धनराशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर बीज वितरण होने से किसानों के लिए समय रहते खरीद करना फायदेमंद रहेगा।

जिला उद्यान अधिकारी मृत्युंजय सिंह के अनुसार, कुफरी बहार आधारित प्रथम सीड साइज का बीज 3630 रुपये और द्वितीय सीड साइज का बीज 3480 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध है।

कुफरी ख्याति आधारित प्रथम सीड साइज का बीज 3630 रुपये और प्रथम ओवर साइज का बीज 3040 रुपये प्रति क्विंटल की दर से दिया जा रहा है। अनुदान मिलने के बाद किसानों की प्रभावी लागत में एक हजार रुपये प्रति क्विंटल की कमी आएगी।

बाजार भाव से तुलना में बीज की उपयोगिता

खुले बाजार में डायमंड आलू सात से नौ रुपये, चिप्सौना 13 से 15 रुपये और पहाड़ी आलू 19 से 22 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। हालांकि, बाजार में बिकने वाले आलू और प्रमाणित अथवा आधारित बीज की गुणवत्ता व उपयोगिता अलग-अलग होती है। इसलिए केवल प्रति किलो कीमत के आधार पर तुलना करना उचित नहीं है। विभाग से मिलने वाला आधारित बीज अगली फसल के लिए तैयार किया गया है, जिससे किसानों को बेहतर उत्पादन की संभावना मिल सकती है।

एक हेक्टेयर में 350 से 400 क्विंटल उत्पादन का लक्ष्य

वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक अनिल कुमार के मुताबिक, एक हेक्टेयर में लगभग 35 क्विंटल आलू बीज की आवश्यकता होती है। उचित प्रबंधन और अनुकूल परिस्थितियों में इससे 350 से 400 क्विंटल तक उत्पादन मिलने की संभावना है। यानी बीज की मात्रा के मुकाबले दस से सवा 11 गुना तक उपज प्राप्त हो सकती है। बेहतर गुणवत्ता के बीज और वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर किसानों को लाभ बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बीज खरीदने के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक और खतौनी साथ लानी होगी। सीमित उपलब्धता को देखते हुए किसानों को जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर समय रहते बीज प्राप्त करने की सलाह दी गई है।

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