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लखीमपुर खीरी हिंसा: गवाही से बचते रहे तत्कालीन सीओ, वेतन रोकने के आदेश और गैर जमानती वारंट जारी

Published: Fri, 14 Aug 2026 05:30 AM (GMT+05:30)

खीरी हिंसा मामले की सुनवाई में जिला जज ने तत्कालीन मितौली सीओ संदीप सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी ...और पढ़ें

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान गवाही से बचते रहे तत्कालीन सीओ।

लखीमपुर खीरी हिंसा के दौरान गवाही से बचते रहे तत्कालीन सीओ।

HighLights

  1. तत्कालीन सीओ संदीप सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी।

  2. गवाही के लिए अनुपस्थित रहने पर वेतन रोकने का आदेश।

  3. 65वें गवाह तत्कालीन एसडीएम दिग्विजय सिंह ने दी गवाही।

संवाद सूत्र, लखीमपुर। बहुचर्चित खीरी हिंसा मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को जिला जज शिव कुमार सिंह की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन मितौली सीओ संदीप सिंह के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ उनका वेतन रोकने का आदेश दिया।

गवाही के लिए सूचना दिए जाने के बावजूद लगातार अदालत में उपस्थित न होने पर न्यायालय ने कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चल रहे इतने संवेदनशील मुकदमे में गवाह का इस तरह अनुपस्थित रहना गंभीर है।

बुधवार को भी तत्कालीन सीओ संदीप सिंह को गवाही के लिए उपस्थित होना था, लेकिन वह अदालत नहीं पहुंचे थे। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए गैर जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया था। गुरुवार को भी गवाही नहीं हो सकी।

इसके बाद जिला जज ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि जब तक गवाही पूरी नहीं होती, तब तक गवाह का वेतन रोका जाए। साथ ही गैर जमानती वारंट जारी कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

65वें गवाह ने दंगल को लेकर दी अहम गवाही

गुरुवार को मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से प्रभारी डीजीसी प्रभाकर ब्रह्म मिश्र ने मुकदमे के 65वें गवाह तत्कालीन एसडीएम मितौली दिग्विजय सिंह को अदालत में पेश किया। वर्तमान में वह अपर जिलाधिकारी न्यायिक, कानपुर देहात के पद पर तैनात हैं।

बचाव पक्ष की ओर से आरोपित आशीष मिश्रा, धर्मेंद्र बंजारा और रिंकू राणा के अधिवक्ता अवधेश कुमार सिंह ने गवाह से जिरह की। जिरह के दौरान दिग्विजय सिंह ने एक सवाल के जवाब में बताया कि दंगल के मुख्य कर्ता-धर्ता और संचालक दंगल कार्यक्रम के मंच पर मौजूद थे।

इसके बाद आरोपित अंकित दास के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौड़ ने गवाह से जिरह की। एक सवाल के जवाब में गवाह ने कहा कि उन्होंने तिकुनिया में हुई घटना को अपनी आंखों से नहीं देखा था।

उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने वाहनों को तेज गति से जाते हुए नहीं देखा था। अन्य आरोपितों के अधिवक्ताओं ने भी गवाह से जिरह की। देर शाम तक गवाही की कार्रवाई पूरी हो गई।

14 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

अदालत में गुरुवार को हुई कार्रवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को निर्धारित की गई है। इस दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी।

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