फार्मर रजिस्ट्री में रामपुर और गाजियाबाद ने बाजी मारी, 25वें स्थान पर पहुंचा लखीमपुर
लखीमपुर खीरी जिले में फार्मर रजिस्ट्री का काम लक्ष्य से पीछे है, जहां 91.09% प्रगति के साथ यह प्रदेश में ...और पढ़ें

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HighLights
लखीमपुर खीरी फार्मर रजिस्ट्री में 91.09% प्रगति के साथ 25वें स्थान पर।
रामपुर, गाजियाबाद जैसे जिले लक्ष्य से आगे निकल चुके हैं।
शेष किसानों को जोड़ने हेतु गांव-गांव अभियान और पंजीकरण जारी।
संवाद सूत्र, लखीमपुर। किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए तैयार की जा रही फार्मर रजिस्ट्री में जिले की रफ्तार अभी भी लक्ष्य से पीछे है। 20 सितंबर की शाम पांच बजे तक की प्रगति रिपोर्ट में जिला 91.09 प्रतिशत फार्मर आइडी तैयार कर प्रदेश में 25वें स्थान पर है।
भारत सरकार के निर्धारित 7,18,932 किसानों के लक्ष्य में अभी करीब 8.91 प्रतिशत किसान रजिस्ट्री से बाहर हैं। कृषि प्रधान जिले में शेष किसानों को जोड़ना विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
प्रदेश के आंकड़ों में खीरी से आगे कई जिले निकल चुके हैं। रामपुर 106.21 प्रतिशत के साथ लक्ष्य पार कर चुका है, जबकि गाजियाबाद 103.37 और मुरादाबाद 100.99 प्रतिशत तक पहुंच गए हैं। अमरोहा 99.53 और महोबा 97.91 प्रतिशत पर हैं। इसके मुकाबले खीरी 91.09 प्रतिशत पर है। जिले का लक्ष्य बड़ा होने के कारण प्रतिशत के साथ वास्तविक संख्या में भी काफी किसान अभी रजिस्ट्री से बाहर हैं।
मंडल में दूसरे स्थान पर है खीरी प्रतिशत आंकड़े
| जिला | प्रतिशत (%) |
|---|---|
| सीतापुर | 95.51% |
| खीरी | 91.09% |
| लखनऊ | 89.66% |
| रायबरेली | 88.85% |
| हरदोई | 88.05% |
| उन्नाव | 86.96% |
किसान की डिजिटल पहचान से जुड़ेंगे योजनाओं के लाभ
फार्मर रजिस्ट्री में किसान की पहचान, भूमि संबंधी विवरण और कृषि योजनाओं से जुड़ी जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जा रहा है। ऐसे में रजिस्ट्री से छूटे किसानों की पहचान कर उन्हें जोड़ना जरूरी है। गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को प्रक्रिया की जानकारी देने के साथ जनसेवा केंद्रों और निर्धारित माध्यमों से पंजीकरण कराने पर जोर दिया जा रहा है।
लगातार बढ़ रही प्रगति
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जिले में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति लगातार बढ़ रही है। शेष किसानों को जोड़ने के लिए गांव स्तर पर जागरूकता और पंजीकरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। किसान नजदीकी जनसेवा केंद्र अथवा निर्धारित माध्यम से फार्मर आइडी बनवा सकते हैं। लक्ष्य जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। -गिरीश चंद्र, उप निदेशक कृषि
