लखीमपुर खीरी में 3 साल बाद जेल से रिहा हुआ चीनी नागरिक, बिना पासपोर्ट-वीजा भारत में घुसने पर हुआ था गिरफ्तार
लखीमपुर खीरी जिला कारागार में बंद चीनी नागरिक वांग गोजुंन की तीन साल की सजा बुधवार को पूरी हो गई। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
HighLights
चीनी नागरिक वांग गोजुंन की तीन साल की सजा पूरी हुई।
बिना पासपोर्ट-वीजा भारत में प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार।
अपील पर पांच साल की सजा तीन साल में बदली।
संवाद सूत्र, जागरण, लखीमपुर। जिला कारागार में बंद चीनी नागरिक की सजा बुधवार को पूरी हो गई। इस पर उसे बुधवार रात रिहा कर दिया गया। इससे अब वह अपने वतन लौट सकेगा। चीनी नागरिक वांग गोजुंन चाइना के जिला मोमिंग गौंग डांग प्राविंस का निवासी है।
इसे 17 फरवरी 2023 को दिल्ली से आकर पलिया होते हुए गौरीफंटा के रास्ते नेपाल में घुसने का प्रयास कर रहा था। इस दौरान बार्डर पर तैनात एसएसबी कमांडर नवीन चंद्र दास ने जवानों के साथ चीनी नागरिक को रोककर उससे पासपोर्ट व वीजा मांगा। इस पर चीनी नागरिक न तो पासपोर्ट दिखा सका और न ही वीजा।
इस पर असिस्टेंट कमांडेंट ने उसे गौरीफंटा पुलिस के सुपुर्द कर दिया। एसएसबी कमांडेंट की तहरीर पर पुलिस ने चीनी नागरिक वांग गौजुंग के खिलाफ बिना पासपोर्ट व 14 विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था।
वाद विवेचना चीनी नागरिक के खिलाफ सीजीएम की अदालत में आरोप पत्र दाखिल हुआ। अभियोजन पक्ष ने वादी समेत छह गवाह पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर तत्कालीन सीजेएम ने 20 मार्च 2025 को चीनी नागरिक को बिना पासपोर्ट व वीजा के भारत में प्रवेश करने के आरोप में पांच साल की सजा और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
इसके खिलाफ जिला सत्र न्यायालय में चीनी नागरिक की तरफ से अपील दाखिल की गई थी। अभियोजन पक्ष की ओर से मुकदमा पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि अपील पर सुनवाई करते हुए एडीजे एफटीसी न्यू भूलेराम ने 17 जनवरी 2026 को चीनी नागरिक की अपील आंशिक रूप से स्वीकार कर सजा परिवर्तित कर तीन साल साधारण कारावास की सजा सुनाई। यह सजा बुधवार को पूरी होने पर चीनी नागरिक को रिहा कर दिया गया।
