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लखीमपुर में गहराया गैस संकट, कालाबाजारी से होटल-रेस्टोरेंट पर भी मंडराए संकट के बादल

Published: Fri, 13 Mar 2026 04:47 PM (IST)

लखीमपुर जिले में कुकिंग गैस का संकट गहरा गया है, जिससे आम लोग और होटल-रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। मांग बढ़ने ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, लखीमपुर। जिले में कुकिंग गैस की किल्लत अब आम लोगों की बड़ी परेशानी बन गई है। शहर से लेकर गांव तक गैस एजेंसियों पर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं।

हालात यह हैं कि जिन उपभोक्ताओं ने कई महीनों से सिलेंडर नहीं भरवाया था, वे भी लाइन में लगकर रिफिल लेने की कोशिश कर रहे हैं। मांग बढ़ने और आपूर्ति कम होने से कालाबाजारी भी तेजी से बढ़ रही है। शिकायतें हैं कि घरेलू गैस सिलेंडर 1100 से लेकर 1800 रुपये तक में बेचा जा रहा है।

गांवों में बदला बुकिंग नियम

ग्रामीण इलाकों में गैस की उपलब्धता को संतुलित करने के लिए एलपीजी बुकिंग के नियमों में बदलाव किया गया है। पहले जहां दूसरे सिलेंडर की बुकिंग 25 दिन बाद संभव थी, अब यह अवधि बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है। माना जा रहा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर की मांग को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट

कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार भी संकट में आ गया है। कामर्शियल सिलेंडर पर पहले ही प्रतिबंध लग चुका है। मजबूरन घरेलू गैस का उपयोग रेस्टोरेंट, ढाबो , चाट ठेलों और मिठाई विक्रेता कर रहे थे।

अब उन्हें काला बाजारियों का सहारा लेना पड़ रहा। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि यदि तीन-चार दिनों में हालात नहीं सुधरे तो उन्हें कारोबार बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा। शहर के बड़े होटलों में होने वाले शादी-विवाह, मुंडन और जन्मदिन जैसे कार्यक्रमों पर भी इसका असर पड़ सकता है।

विकल्प की तलाश में दिल्ली तक पहुंचे संचालक

गैस की कमी से परेशान कुछ रेस्टोरेंट मालिक विकल्प की तलाश में दिल्ली तक पहुंच गए हैं। वे कमर्शियल इंडक्शन जैसे विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। हालांकि उनका कहना है कि बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए एलपीजी का विकल्प फिलहाल व्यवहारिक नहीं है।

डीलरों को सख्त निर्देश

गैस कंपनियों ने डीलरों को भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के एक भी रिफिल देने पर रोक लगा दी गई है। ओवरचार्जिंग पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही डीलरों को हर दिन शाम पांच बजे तक अपने उत्पादवार स्टॉक का स्क्रीनशाट भेजने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उसी आधार पर अगले दिन का लोड तय किया जा सके।

ट्रांसपोर्ट लोड और उधार पर रोक

कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि ट्रांसपोर्ट लोड सीमित रहेगा और केवल अत्यंत आवश्यक स्थिति में ही दिया जाएगा। क्रेडिट या उधार पर सिलेंडर देने पर भी रोक लगा दी गई है। कंपनियों ने चेताया है कि यदि किसी डीलर द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो उसका लोड रोका जा सकता है।

उपभोक्ता और कारोबारी दोनों परेशान

कड़े नियमों और कम आपूर्ति के बीच उपभोक्ता, डीलर और रेस्टोरेंट संचालक सभी परेशान हैं। यदि जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो गैस संकट और गहरा सकता है।

उज्ज्वला उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक अनिवार्य

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए भी सख्ती बढ़ाई गई है। अब हर आठवें सिलेंडर की बुकिंग से पहले उपभोक्ताओं को बायोमेट्रिक केवाईसी कराना अनिवार्य होगा। बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के गैस रिफिल नहीं दी जाएगी। कंपनियों का कहना है कि इससे फर्जी कनेक्शन और दुरुपयोग पर रोक लगेगी। -जगदीश राज, प्रदेश अध्यक्ष, ऑल इंडिया, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन